नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर डेरावाल नगर स्थित ज्ञान विज्ञान भवन में ब्रह्माकुमारी राजयोग केंद्र द्वारा वंदे मातरम-स्वर्णिम भारत कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस मौके पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 20 महिलाओं और पुरुषों को वंदे मातरम-स्वर्णिम भारत सम्मान से सम्मानित किया। कार्यक्रम में महिला प्रभाग की अध्यक्ष राजयोगिनी बीके चक्रधारी ने बताया कि भारत के गौरवशाली इतिहास में नारी हमेशा सम्मानित और गरिमामयी रही है। उन्होंने बताया कि आज के समय में भौतिक विकास को ही सशक्तिकरण मान लिया गया है, जबकि आंतरिक विकास के बिना पूर्ण सशक्तिकरण संभव नहीं है।
आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग के अभ्यास से व्यक्ति में संतुलन, सहनशीलता और संवेदनशीलता जैसे गुण विकसित होते हैं। आत्मिक भाव अपनाने से लिंग, जाति, धर्म, भाषा और रंग के आधार पर होने वाली असमानताएं समाप्त हो जाती हैं। वहीं, भाजपा प्रवक्ता और नेता शाजिया इल्मी ने ब्रह्माकुमारी के आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग को व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक जीवन को मजबूत बनाने वाला बताया। उन्होंने बताया कि जब भी उन्हें तनाव महसूस होता है, तो वे राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास करती हैं। इसके अलावा ब्रह्माकुमारी के दिल्ली स्थित करोलबाग, राजा गार्डन, हरि नगर और सिरी फोर्ट सेवा केंद्रों पर भी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किए गए।