पिता को पहले ही शक था कि क्योंकि आरोपी अमित का पहले ही आना जाना था। वंदना भी इसका जिक्र करती थी। इसी शक के आधार पर विनोद बेटी की तलाश में आगरा व मथुरा निकले थे।
जैसे ही वंदना के पिता को यह जानकारी हुई कि मथुरा में मिला शव उसकी बेटी का है तो उन्हें कासगंज निवासी वंदना की बुआ के दामाद अमित पर शक हुआ। पुलिस ने बिना देरी किए नोएडा से ही अमित को उठा लिया।
सूत्रों के अनुसार, जब कड़ाई से अमित से पूछताछ की गई तो उसने कबूला कि वह वंदना को यह कहकर आगरा ले जा रहा था कि चलो ताजमहल दिखाकर लाता हूं। अमित का चालक संजय कुमार इनोवा चला रहा था। रास्ते में वंदना की हत्या कर दी गई और शव यमुना एक्सप्रेसवे पर मथुरा के पास फेंक दिया।
पुलिस जांच में अमित ने बताया है कि वंदना उधार के रुपये बार-बार मांग रही थी। वह यह भी कहती थी कि तुम्हारे कारण ही तलाक हुआ है। शादी का दबाव भी बना रही थी। जबकि परिवार के लोगों को इसकी जानकारी नहीं थी कि रिश्तेदार अमित इतना बड़ा धोखा देगा।
पीड़ित परिवार यही सोचता रहा कि अमित का आना जाना इसलिए है, क्योंकि वह वंदना की मदद करना चाहता है। वंदना के गायब होने के बाद अमित का बर्ताव पिता को कुछ अजीब सा लगा।
वह बार-बार अमित को फोन करके यह भी कहते रहे कि पता करो वंदना कहां गई। वंदना का फोन भी अमित ने ही गायब कर दिया था, जिससे उसकी सही लोकेशन भी नहीं मिल पा रही थी।