कांग्रेस के सत्ता से जाने के बाद सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। प्रदेश सरकार ने गुड़गांव के उपायुक्त को पत्र लिखकर वाड्रा की कंपनी से जुड़ी अन्य प्रॉपर्टी का ब्योरा मांगा है। उपायुक्त ने मामले की छानबीन जिला राजस्व अधिकारी को दी है।
प्रदेश सरकार के पास अभी तक वाड्रा की उस प्रापर्टी का ब्योरा नहीं है, जिस पर अशोक खेमका ने सवाल उठाया था। दो दिन पहले उपायुक्त को मिले पत्र में वाड्रा से जुड़ी सभी प्रॉपर्टी का ब्योरा देने को कहा गया है। उन्होंने इस मामले में जिला राजस्व अधिकारी को छानबीन करने के निर्देश दिए हैं।
इसके बाद जिला राजस्व अधिकारी ने बुधवार को सभी तहसीलदारों को पत्र लिखकर वाड्रा और उनकी कंपनी के नाम से हुई प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त का ब्योरा मांगा है। उन्हें सात दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
गौरतलब है कि शिकोहपुर में एग्रीकल्चर लैंड को लेकर डीएलएफ के साथ हुई डील व मेफिल्ड गार्डेन में गेस्ट हाउस के लाइसेंस का विवाद पहले ही उजागर हो चुका है।