हत्याकांड का खुलासा बदमाशों की एक गलती से हुआ। उत्कर्ष को अगवा करने के बाद प्रताप ने चाइनीज फोन में अपना सिम डालकर उत्कर्ष के पिता मुकेश को मिस्ड कॉल की।
मुकेश ने इसी नंबर पर दोबारा कॉल की और गलती से प्रताप ने फोन रिसीव करके जेब में डाल लिया। फिरौती की कॉल की जगह प्रताप के इसी नंबर की लोकेशन मिली और वह फंस गया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक प्रताप और सिद्धार्थ ने वारदात की योजना 15 दिन पहले ही बना ली थी। इसके लिए बाकायदा रेकी कर खुद उत्कर्ष से रास्ते में पूछताछ कर उसके स्कूल आने-जाने का समय पूछा।