निजी चैट लीक होने की बात कहकर विदेशी मंत्रालय के नाम पर उगाही करने वाला गिरोह सामने आया है। इस तरह उगाही व ठगी करने वाला गिरोह पहली बार सामने आया है। दक्षिण जिले की साइबर थाना पुलिस ने इस गिरोह का पर्दाफाश कर एक आरोपी मोहम्मद इस्लाम को गिरफ्तार किया है। गिरोह सरगना नाइजीरियन युवक फरार होने में कामयाब हो गया। इस गिरोह के सदस्य करीब 100 महिलाओं से उगाही कर चुके हैं।
दक्षिण जिला डीसीपी चंदन चौधरी ने बताया कि दक्षिण दिल्ली में रहने वाली एक महिला ने साइबर थाना प्रभारी अरुण कुमार वर्मा को पिछले महीने शिकायत दी थी कि उसकी इंग्लैंड निवासी लिम्पू मुशकेवा से इंस्टाग्राम पर जान-पहचान हुई। जान-पहचान होने के बाद दोनों ने चैटिंग करना शुरू कर दिया। कुछ समय बाद लिम्पू ने उसे बताया कि उसका व्हाट्सएप हैक हो गया है।
दो दिन बाद पीड़ित महिला के पास एक फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि वह विदेश मंत्रालय से बोल रहा है और उसकी निजी चैट लीक हो गई है। अगर उसे निजी चैट डिलीट करवानी है तो उसे 3,55,000 देने होंगे। पीड़ित ने डर के चलते पैसे जमा करा दिए। मामला दर्जकर थाना प्रभारी अरुण कुमार वर्मा की देखरेख में एसआई सुनील यादव व एसआई विकास सांगवान की टीम ने जांच शुरू की।
पुलिस को जांच में पता लगा कि नाइजीरियन युवक क्रिस उजोमा उर्फ उजोमा क्रिश्चियन ओकेके पीड़ित से बात कर रहा था। उसने ही पीड़िता से पैसे ट्रांसफर करवाए थे। एसआई सुनील यादव की टीम ने क्रिस उजोमा को पकडने के लिए ग्रेटर नोएडा में दबिश दी, मगर आरोपी फरार होने में कामयाब हो गया। फिर उन बैंक खातों की डिटेल खंगाली गई, जिनमें पीड़िता के पैसे ट्रांसफर किए गए थे। 2,55,000 रुपये टॉवर वाली गली, हल्द्वानी नैनीताल उत्तराखंड निवास मोहम्मद इस्लाम और एक लाख रुपये कालीबाडी बारादरी बरेली यूपी निवासी साजिद के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे।
एसआई सुनील यादव की टीम ने नैनीताल में दबिश देकर मोहम्मद इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया। मोहम्मद इस्लाम ने बताया कि उसने अपने बैंक खाता पांच हजार रुपये में दोस्त उमर को बेचा था। उमर ने नाइजीरिया युवक को दिया था। नाइजीरिया युवक भारतीय महिलाओं के साथ ठगी करता है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट लिए हैं।