पीड़ित की शिकायत पर मध्य जिला साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। उन खातों की पड़ताल की गई जिनमें रकम ट्रांसफर हुई थी। इसके अलावा उन मोबाइल नंबर की भी पड़ताल की गई जिन नंबरों पीड़ित जय प्रकाश को कॉल की गई थीं। जांच के बाद पहले ख्याला से रविवार को दो आरोपियों अमित कुमार और राहुल कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना अपराध कबूल लिया। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से फर्जी आधार और पैन कार्ड बरामद हुआ। दोनों से पूछताछ के बाद बाकी आरोपियों को दिल्ली के अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस को मामले में विजय चौहान नामक आरोपी की तलाश है।
ऐसे दिया जाता था वारदात को अंजाम
पुलिस की पूछताछ में मुख्य आरोपी दिनेश झा उर्फ आकाश ने बताया कि वह अपने दोस्त विजय चौहान के साथ मिलकर राजेंद्र प्लेस इलाके में फर्जी कॉल सेंटर चलाते थे। जिन लोगों की इंश्योरेंस पॉलिसी बीच में लैप्स हो जाती थी, उन लोगों का डाटा यह इंश्योरेंस कंपनी के कर्मचारियों को लालच देकर जुटा लेते थे। कॉल सेंटर में बैठे लोग इन लोगों को कॉल कर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।
पीड़ितों से कहा जाता था कि यदि उन्होंने पॉलिसी को दोबारा से चालू नहीं करवाया तो उनके पहले जमा रकम भी जीरो हो जाएगी। पीड़ित डर की वजह से रकम देने को तैयार हो जाता था। आरोपी इंश्यारेंस कंपनी की ईमेल आईडी से मिलती जुलती मेल आईडी बना लेते थे, इससे किसी को शक भी नहीं होता था। बाकी पकड़े आरोपी अमित, राहुल, समीर उर्फ रॉकी, अखिलेश का कॉम फर्जी आधार, पैन व अन्य दस्तावेज जुटाकर उनकी मदद से खाते खुलवाना था। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।