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Delhi Crime: लैप्स इंश्योरेंस पॉलिसी को दोबारा से शुरू करने के नाम पर करते थे ठगी, पांच गिरफ्तार

Tue, 27 Sep 2022 07:46 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

पकड़े आरोपी देशभर के 500 से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये का चूना लगे चुके हैं। आरोपी दिल्ली के सुभाष प्लेस इलाके में फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य जिला के साइबर थाना पुलिस ने लैप्स इंश्योरेंस पॉलिसी (बंद हुई बीमा पॉलिसी) को दोबारा से चालू करवाने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गैंग सरगना आकाश उर्फ दिनेश झा (25) इसके साथी अमित कुमार (32) राहुल कुमार (32), समीर उर्फ रॉकी (30) और अखिलेश उर्फ मोनू (25) के रूप में हुई है।
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आरोपी दिल्ली के सुभाष प्लेस इलाके में फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। पुलिस ने इसके पास से 23 मोबाइल फोन, 9 सिमकार्ड, एक कंप्यूटर, एक लैमिनेटर, 10 डेबिट कार्ड, पासबुक, 9.15 लाख कैश और तीन लाख बैंक खातों में बरामद किए हैं। पकड़े आरोपी देशभर के 500 से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये का चूना लगे चुके हैं। पकड़े गए आरोपी राहुल व समीर दोनों जीजा-साले हैं।

उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त श्वेता चौहान ने बताया कि पिछले दिनों डीबीजी रोड, पहाड़गंज निवासी जय प्रकाश नारायण नामक व्यक्ति ने इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर ठगी की शिकायत दी थी। पीड़ित ने बताया कि उसका एलएनजेपी अस्पताल में रखरखाव का काम है। उसने एक निजी कंपनी की 50 लाख रुपये की इंश्योरेंस पॉलिसी ली हुई थी। किसी कारण उसकी पॉलिसी की किस्त छूट गई। जिसकी वजह से पॉलिसी ब्रेक हो गई।
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इसी संबंध में 24 दिसंबर 2021 को जय प्रकाश के पास एक कॉलर आया। कॉलर ने अपना नाम राहुल शर्मा बताकर उनसे कहा कि यदि उन्होंने पॉलिसी को दोबारा से चालू नहीं करेंगे तो उसकी जमा की हुई रकम जीरो हो जाएगी। पीड़ित को 10 फीसदी छूट देने के साथ रकम जमा करने के लिए कहा गया। पीड़ित के कहने पर आरोपी कंपनी की मेल आईडी से मिलता जुलता एक डिमांड लैटर पीड़ित के मेल पर भेज दिया। इसमें 1.84 लाख रुपये जमा कराने के लिए कहा गया। राहुल से बातचीत के बाद पीड़ित ने रकम को एक बैंक खाते में आरटीजीएस कर दिया। इसके बाद भी आरोपी ने एक लाख की डिमांड की। शक होने पर पीड़ित ने कंपनी से पड़ताल की तो पता चला कि उनके यहां कोई राहुल शर्मा नामक व्यक्ति नहीं है। इसके अलावा उनके किसी खाते में 1.84 लाख रुपये नहीं मिले हैं।
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पीड़ित की शिकायत पर मध्य जिला साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। उन खातों की पड़ताल की गई जिनमें रकम ट्रांसफर हुई थी। इसके अलावा उन मोबाइल नंबर की भी पड़ताल की गई जिन नंबरों पीड़ित जय प्रकाश को कॉल की गई थीं। जांच के बाद पहले ख्याला से रविवार को दो आरोपियों अमित कुमार और राहुल कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना अपराध कबूल लिया। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से फर्जी आधार और पैन कार्ड बरामद हुआ। दोनों से पूछताछ के बाद बाकी आरोपियों को दिल्ली के अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस को मामले में विजय चौहान नामक आरोपी की तलाश है।

ऐसे दिया जाता था वारदात को अंजाम
पुलिस की पूछताछ में मुख्य आरोपी दिनेश झा उर्फ आकाश ने बताया कि वह अपने दोस्त विजय चौहान के साथ मिलकर राजेंद्र प्लेस इलाके में फर्जी कॉल सेंटर चलाते थे। जिन लोगों की इंश्योरेंस पॉलिसी बीच में लैप्स हो जाती थी, उन लोगों का डाटा यह इंश्योरेंस कंपनी के कर्मचारियों को लालच देकर जुटा लेते थे। कॉल सेंटर में बैठे लोग इन लोगों को कॉल कर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।

पीड़ितों से कहा जाता था कि यदि उन्होंने पॉलिसी को दोबारा से चालू नहीं करवाया तो उनके पहले जमा रकम भी जीरो हो जाएगी। पीड़ित डर की वजह से रकम देने को तैयार हो जाता था। आरोपी इंश्यारेंस कंपनी की ईमेल आईडी से मिलती जुलती मेल आईडी बना लेते थे, इससे किसी को शक भी नहीं होता था। बाकी पकड़े आरोपी अमित, राहुल, समीर उर्फ रॉकी, अखिलेश का कॉम फर्जी आधार, पैन व अन्य दस्तावेज जुटाकर उनकी मदद से खाते खुलवाना था। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
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