हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का फैसला पलटा, कहा- कानून में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पर रोक नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने हथियार डीलर अभिषेक वर्मा से जुड़े आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (ओएसए) मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने सीबीआई को न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास से अमेरिकी व्यवसायी सी. एडमंड्स एलन की गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दर्ज करने की अनुमति दे दी है।
न्यायमूर्ति संजीव नरूला की पीठ ने कहा कि ओएसए में इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से चल रहे मुकदमों या साक्ष्यों पर कोई प्रतिबंध नहीं है, बशर्ते पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए जाएं। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा गोपनीय दस्तावेज लीक होने की आशंका को खारिज करते हुए कहा कि सुरक्षा प्रबंधों से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
सीबीआई की अपील पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एलन की उम्र (79 वर्ष), गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं और भारत आने पर मिलने वाली धमकियों को ध्यान में रखा। न्यायालय ने दिल्ली हाईकोर्ट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियम–2020 के तहत विशेष शक्तियों का प्रयोग करते हुए अभियुक्त की सहमति की शर्त भी माफ कर दी।
गवाही बंद कमरे में दर्ज की जाएगी और इस दौरान गोपनीय दस्तावेज अदालत परिसर से बाहर नहीं जाएंगे।