दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में पुलिस की पिटाई से एक छात्र की मौत की खबर इलाके में आग की तरह फैल गई। हालांकि यह अफवाह थी, लेकिन इस अफवाह ने छात्रों के प्रदर्शन को और उग्र और कर दिया।
इस खबर के बाद नाराज छात्रों ने वजीरावाद रोड पर दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (डीटीसी) की एक बस को आग के हवाले कर दिया। जबकि हरियाणा रोडवेज की दो बसों में तोड़फोड़ की गई।
मुखर्जी नगर में एक पुलिस वैन को आग के हवाले कर दिया गया जबकि नेहरू विहार में पुलिस की दो मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया। वजीरावाद रोड पर हंगामा होने से बाईपास पर लंबा जाम लग गया है।
बाईपास से गांधी विहार आने वाली सड़क पर काफी संख्या में पुलिस बल तैनात है। पुलिस का कहना है कि मुखर्जी नगर में छात्रों की ओर से की गई पत्थरबाजी में करीब 70 गाड़ियों के शीशे टूटे हैं।
अनशन पर बैठे छात्रों को जबरन उठाया
सिविल सेवा परीक्षा में सी-सैट के विरोध में मुखर्जी नगर में अनशन पर बैठे छात्रों को पुलिस ने बुधवार तड़के जबरन हिंदू राव अस्पताल में भर्ती करा दिया। पुलिस का कहना है कि अनशन पर बैठे छात्रों की हालत खराब हो रही थी, इसलिए उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
वहीं छात्रों ने पुलिस पर जोर जबरदस्ती कर अस्पताल में भर्ती कराने का आरोप लगाया है। भर्ती कराए गए चार छात्रों में से दो को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई जिसके बाद दोनों फिर से अनशन पर बैठ गए। जबकि दो अन्य का अभी भी अस्पताल में इलाज जारी है।
मुखर्जी नगर में अनशनकारी छात्रों के साथ धरने पर बैठे छात्रों ने बताया कि मंगलवार देर रात पुलिसकर्मियों की सक्रियता अचानक बढ़ गई थी। अनशन स्थल पर काफी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया।
इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया
बुधवार तड़के छात्रों की स्वास्थ्य जांच कराने के बहाने पुलिस ने उन्हें जबरन एंबुलेंस में बैठाकर हिंदू राव अस्पताल के आपातकालीन विभाग में भर्ती करा दिया। इसके बाद वहां भी कुछ छात्र पहुंच गए थे।
वहीं अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि भर्ती कराए जाने के बाद छात्रों को ग्लूकोज चढ़ाया गया और उनके स्वास्थ्य की जांच-पड़ताल की गई।
जांच के दौरान अनशन पर बैठै छात्र मुकेश राय और लोकपति त्रिपाठी की स्थिति सामान्य पाई गई। लिहाजा प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को छोड़ दिया गया।
जारी रहेगा छात्रों का अनशन
अस्पताल से निकलने के बाद दोनों मुखर्जी नगर जाकर फिर से अनशन पर बैठ गए। वहीं छात्र उषापति त्रिपाठी और अजित त्रिवेदी की स्थिति ठीक नहीं थी, लिहाजा दोनों को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरबी मित्तल ने बताया कि फिलहाल दोनों की स्थिति स्थिर है।
उधर, मुखर्जी नगर में अनशन स्थल पर बैठे छात्रों का कहना है कि जब तक सरकार सी-सैट को वापस लेने का निर्णय नहीं ले लेती तब तक अनशन जारी रहेगा। छात्रों ने प्रारंभिक परीक्षा की तारीख को स्थगित किए जाने की भी मांग की है।