मम्मी-पापा मुझे माफ करना। मैं आपका सपना पूरा नहीं कर पाई...। यह माफी यूपीएससी की तैयारी कर रही शिल्पा ठाकुर उर्फ शिल्पू (27) ने मांगी है। उसका शव तिमारपुर स्थित एक अपार्टमेंट में सड़ी-गली हालत में फर्श पर पड़ा मिला।
शव के पास मिले दो पेज के सुसाइड नोट में उसने आईएएस न बन पाने के कारण हताशा और तनाव का जिक्र किया है। शिल्पा का परिवार दिल्ली में ही रहता है। वह करीब चार दिन से शिल्पा से संपर्क करने का प्रयास कर रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, शिल्पा डीयू मेट्रो स्टेशन के नजदीक मॉल अपार्टमेंट के सर्वेंट क्वार्टर में किराए पर रहती थी। इसका परिवार गली नंबर-21, अशोक नगर, शाहदरा में रहता है। परिवार में पिता रामनरेश, मां, तीन बहनें व एक भाई हैं।
रामनरेश दुकान चलाते हैं। कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद शिल्पा यूपीएससी की तैयारी में जुटी थी। परिवार का भी यही सपना था। शिल्पा का मानना था कि घर में रहकर वह पढ़ाई नहीं कर सकती। इसलिए परिवार से अलग तिमारपुर में रहती थी।
यहां वह 18-18 घंटे लगातार पढ़ती रहती थी। कई बार परिजन उसे कॉल करते थे, लेकिन वह पढ़ाई की वजह से उनकी कॉल भी नहीं उठाती थी। परिजनों ने पुलिस को बताया कि चार दिन कॉल करने के बावजूद शिल्पा का फोन उठ नहीं रहा था।
इधर उसकी सहेली भी फोन कर रही थी। परिजनों ने सोचा कि शायद पढ़ाई में व्यस्त होने के कारण फोन नहीं उठा रही है। शनिवार को मंगोलपुरी में रहने वाली शिल्पा की एक दोस्त उसके कमरे पर पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था।
अंदर से तेज दुर्गंध आ रही थी। उसने खिड़की से झांककर देखा तो फर्श पर शिल्पा का शव सड़ी-गली हालत में पड़ा था। उसने 9:40 बजे पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकाला। कमरे से दो पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ।
सुसाइड नोट में बयां किया दर्द
शिल्पा ने सुसाइड नोट में अपना दर्द बयां किया है। उसने लिखा है कि मैं शिल्पा ठाकुर, एक आईएएस अधिकारी बनना चाहती थी, लेकिन मेरी और मेरे मम्मी-पापा की यह ख्वाहिश पूरी नहीं हुई।
मम्मी-पापा मुझे माफ करना, मैं आपका नाम रोशन नहीं कर पाई। मैं अपने परिवार से बेहद प्यार करती हूं। मैं अकेली हो गई हूं। तनाव में हूं। आज मेरे साथ कोई नहीं है। मेरी लाइफ खत्म हो गई है।
18 घंटे पढ़ने के बाद भी मैं कामयाब नहीं हो पाई। परिजनों ने पुलिस को बताया है कि उन्होंने उसे समझाने का खूब प्रयास किया, लेकिन शिल्पा का तनाव बढ़ता ही गया और उसने यह कदम उठा लिया।
तीन बार दे चुकी थी यूपीएससी की परीक्षा
शिल्पा ने सुसाइड नोट में लिखा है कि वह तीन बार यूपीएससी की परीक्षा दे चुकी है, लेकिन कामयाबी नहीं मिल पाई है। इससे उसका दिल टूट गया है। परिवार ने शिल्पा की लिखावट को पहचान लिया है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि शिल्पा पढ़ाई को लेकर काफी तनाव में रहती थी, लेकिन उसके ऐसा कदम उठाने की आशंका नहीं थी।