निवासियों का कहना था कि सोसाइटी में इस प्रकार की नई परंपरा शुरू करना अनुचित है। उन्होंने कहा कि बहुसंख्यक हिंदू होने के बावजूद सभी ने सहमति से सोसाइटी के मंदिर को बाहर गेट पर बनवाया था, ताकि किसी भी प्रकार का धार्मिक भेदभाव न हो।
ग्रेटर नोएडा सेक्टर 137 स्थित पारस टियरा सोसाइटी में नवगठित बोर्ड के एक फैसले को लेकर भारी हंगामा हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार बोर्ड ने सोसाइटी के अंदर रमजान के दौरान कुछ लोगों को परिसर में किनारे ही नमाज अदा करने की अनुमति दी थी, जिसे लेकर निवासियों ने कड़ा विरोध जताया।
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निवासियों का कहना था कि सोसाइटी में इस प्रकार की नई परंपरा शुरू करना अनुचित है। उन्होंने कहा कि बहुसंख्यक हिंदू होने के बावजूद सभी ने सहमति से सोसाइटी के मंदिर को बाहर गेट पर बनवाया था, ताकि किसी भी प्रकार का धार्मिक भेदभाव न हो। ऐसे में सोसाइटी परिसर के भीतर धार्मिक आयोजन की अनुमति देना पक्षपातपूर्ण फैसला है। बोर्ड के इस निर्णय के खिलाफ सोसाइटी के निवासियों ने रविवार को एकजुट होकर प्रदर्शन किया और अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
स्थिति को बिगड़ते देख सेक्टर 142 कोतवाली पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। निवासियों के भारी दबाव और विवाद बढ़ने के कारण अंततः बोर्ड को अपना फैसला वापस लेना पड़ा। बोर्ड के इस निर्णय को लेकर सोसाइटी के भीतर काफी असंतोष देखने को मिला। निवासियों ने कहा कि सोसाइटी के अंदर सभी धर्मों के प्रति समानता और शांति बनी रहनी चाहिए, बिना किसी नई परंपरा की शुरुआत के।
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पुलिस और प्रशासन के दखल के बाद मामला शांत हुआ। वहीं, एसीपी बीएस वीर का कहना है कि सोसाइटी की आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष द्वारा कुछ लोगों को नमाज पढ़ने के लिए जगह दी गई थी, जिसका कई निवासियों ने नई परंपरा बताकर विरोध किया। इसके बाद आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष की ओर से फैसले को वापस ले लिया गया। इसके बाद मामला शांत हुआ।