अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी में बृहस्पतिवार को दो समिति चुनाव को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी के पार्षद आमने-सामने आ गए। अनुसूचित जाति से संबंधित समिति के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होते ही आप पार्षदों के विरोध से हंगामा खड़ा हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि मामला चुनाव स्थल से निकलकर सीधे महापौर कार्यालय तक पहुंच गया। महापौर कार्यालय की ओर से आप पार्षदों पर तोड़फोड़, सुरक्षाकर्मियों से धक्का-मुक्की और पीठासीन अधिकारी के साथ अभद्रता के आरोप लगाए गए।
मामला तदर्थ अनुसूचित जाति कल्याण समिति और अनुसूचित जाति के प्रत्याशियों के कोटे के कार्यान्वयन से संबंधित समिति के चुनाव का था। एमसीडी में चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के दौरान आप पार्षदों ने विरोध जताया। महापौर कार्यालय का आरोप है कि आप पार्षदों ने पीठासीन अधिकारी के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश की।
उधर, आप पार्षद चुनाव स्थल पर विवाद के बाद महापौर कार्यालय में पहुंच गए। यहां भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। कार्यालय में दरवाजों और कुर्सियों को नुकसान पहुंचाया गया और सुरक्षाकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई। महापौर का कहना है कि उन्होंने आप पार्षदों की बात सुनने की कोशिश की, लेकिन उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे गंभीर आरोप महिला उपमहापौर से जुड़ा है। महापौर प्रवेश वाही ने दावा किया कि महिला उपमहापौर के सामने आप के एक पार्षद ने कथित तौर पर अपने कपड़े उतारने का प्रयास किया।
महापौर प्रवेश वाही ने आप के विरोध पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी ने चुनाव के लिए अपना प्रत्याशी तक नामांकित नहीं किया था। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया में पहुंचकर उसे रोकने का प्रयास क्यों किया गया।