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Delhi NCR News: गार्गी कॉलेज में छात्र परिषद चुनाव के दौरान हंगामा

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- उम्मीदवार छात्रा ने प्रोफेसर पर बदतमीजी करने और गाली देने का लगाया आरोप
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- एसएफआई डीयू ने कहा कि डूसू अध्यक्ष आर्यन मान के आने पर हंगामा, एबीवीपी की दोबारा से चुनाव कराने की मांग

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के गार्गी कॉलेज में शुक्रवार को छात्र परिषद चुनाव के दौरान हंगामा हुआ। इस पूरे घटनाक्रम की स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) दिल्ली विश्वविद्यालय ने निंदा की और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया। हंगामे को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गया।

वीडियो में छात्र परिषद चुनाव में अध्यक्ष पद की उम्मीदवार छात्रा कह रही है कि मेरे साथ बदतमीजी हुई। कई दिनों से बहुत सारी समस्याएं झेल रही थी। आज जब चुनाव में गई तो मेरे साथ बदतमीजी की गई। लेफ्ट विंग वाले शिक्षकों को पता चला कि मैं राइट विंग से हूं तो उन्हें यह हजम नहीं हुआ। वह नहीं चाहते थे कि मैं अध्यक्ष बनूं। कुछ पुरुष शिक्षकों ने हाथ पकड़कर कॉलेज से धक्के मारकर बाहर निकाला और गाली भी दी। जब मुझे किसी का समर्थन नहीं मिला तो मैंने डूसू अध्यक्ष आर्यन मान से संपर्क किया और उन्हें बुलाया।
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कॉलेज प्रिंसिपल ने नहीं सुनी मेरी बात

मेरे साथ हुए दुर्व्यवहार को लेकर कॉलेज प्रिंसिपल ने मेरी बात नहीं सुनी। शाम साढ़े छह बजे तक मुझे बिठाया गया। मुझ पर निष्पक्ष चुनाव होने को लेकर जबरन हस्ताक्षर करवाए गए। चुनाव के लिए बैलेट बॉक्स को चेक नहीं कराया गया। बिना हस्ताक्षर के चुनाव शुरू कर दिया। वहीं एक वीडियो में डूसू अध्यक्ष छात्रा के पक्ष को लेकर शिक्षकों से बात करते दिखाई दे रहे है। इस बीच काफी बहस भी हो रही है।

चुनाव के दौरान हुई घटना चिंताजनक

एसएफआई डीयू ने गार्गी कॉलेज में छात्र परिषद चुनाव के दौरान हुई घटना पर चिंता व्यक्त की। साथ ही एबीवीपी पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने का आरोप लगाया। एसएएफआई का आरोप है कि यह हंगामा डूसू अध्यक्ष आर्यन मान के कॉलेज में आने पर शुरू हुआ। एबीवीपी से जुड़े लोगों ने कॉलेज में जबरन प्रवेश किया और पुलिस की मौजूदगी में यह घटना हुई।

नाम वापस लेने का प्रशासन बना रहा था दबाव

एबीवीपी के अनुसार उनके उम्मीदवार पर प्रशासन पिछले दो दिन से नाम वापस लेने का दबाव बना रहा था। उसे मतदान और मत गिनती के समय हॉल में प्रवेश नहीं करने दिया गया और बदतमीजी की गई। बार-बार आपत्ति उठाने के बावजूद कॉलेज प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया को रोकने के बजाय धांधली को जारी रखा।
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एबीवीपी की दोबारा से चुनाव की मांग

एबीवीपी दिल्ली प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि एबीवीपी हमेशा निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावों की पक्षधर रही है। गार्गी कॉलेज में जिस प्रकार से चुनाव कराए जा रहे हैं वह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने मांग की कि चुनाव तत्काल प्रभाव से रद्द हो और दोबारा निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराए जाएं। प्रशासन में बैठे वामपंथी विचार के शिक्षकों द्वारा आइसा और एसएफआई के उम्मीदवारों को जिताने के लिए सुनियोजित तरीके से चुनाव प्रक्रिया में धांधली की जा रही थी। उधर, कॉलेज प्रशासन ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
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