अन्य जिलों में स्थानीय प्राधिकरण एक सप्ताह में देंगे रिपोर्ट, जांच के आधार पर ही मिलेगा चार माह का समय विस्तार
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने समय विस्तार मांगने वाले रियल एस्टेट प्रोजेक्टों के स्थलीय निरीक्षण के संबंध में आदेश जारी किया है। गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद और लखनऊ के प्रोजेक्टों का निरीक्षण यूपी रेरा की टीमें करेंगी, जबकि अन्य जिलों में संबंधित स्थानीय प्राधिकरणों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही प्रोजेक्टों को समय विस्तार देने पर निर्णय लिया जाएगा।
ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण उत्पन्न परिस्थितियों से रियल एस्टेट सेक्टर भी प्रभावित हुआ है। निर्माण सामग्री की आपूर्ति बाधित होने के चलते कई प्रोजेक्ट समय पर पूरे नहीं हो सके। पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने प्रोजेक्टों को अतिरिक्त समय देने की सलाह दी थी। इसके बाद यूपी रेरा ने पात्र रियल एस्टेट प्रोजेक्टों को चार माह का समय विस्तार देने का निर्णय लिया है।
यह सुविधा उन प्रोजेक्टों को मिलेगी, जिन्हें 28 फरवरी से 31 अक्तूबर 2026 के बीच पूरा होना है। इसके लिए निर्धारित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होगा। इनमें 28 फरवरी 2026 तक स्वीकृत नक्शे, लेआउट या भवन योजना की वैधता होना, पंजीकरण की अंतिम वैधता से संबंधित शर्तें पूरी करना और सभी तिमाही प्रगति रिपोर्ट जमा करना शामिल है। इन शर्तों पर खरे उतरने वाले प्रोजेक्ट ही समय विस्तार के पात्र होंगे।
यूपी रेरा के अधिकारियों के अनुसार, लखनऊ और गौतमबुद्धनगर में प्राधिकरण के कार्यालय और निरीक्षण के लिए टीमें उपलब्ध हैं। गाजियाबाद के प्रोजेक्टों का निरीक्षण भी यूपी रेरा की टीम करेगी। अन्य जिलों में स्थानीय प्राधिकरणों से जांच कराई जाएगी।
समय विस्तार के लिए आवेदन मिलते ही संबंधित प्राधिकरण को भेज दिया जाएगा। उसे एक सप्ताह के भीतर निरीक्षण रिपोर्ट सौंपनी होगी। निरीक्षण से पहले बिल्डरों को इसकी सूचना भी दी जाएगी। रिपोर्ट में प्रोजेक्ट की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा, जिसके आधार पर समय विस्तार देने पर फैसला होगा।