उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण की विभिन्न पीठ ऑनलाइन सुनवाई के दौरान तरह-तरह की समस्याओं से परेशान है। कोई बनियान पहने ही ऑनलाइन सुनवाई में जुड़ जाता है तो कोई खाना खा रहा होता है। अब परेशान होकर यूपी रेरा ने आदेश जारी कर हिदायत दी है। कहा है कि सभ्य परिधान पहनकर ही सुनवाई में शामिल होना होगा। वहीं, बिल्डरों को भी हर सुनवाई में उपस्थित होने का सख्त आदेश दिया है।
यूपी रेरा में इस समय 56,136 से अधिक खरीदार शिकायत कर चुके हैं, जिन पर यूपी रेरा ऑनलाइन सुनवाई कर रहा है। कोविड के समय यूपी रेरा ने ऑनलाइन सुनवाई की सुविधा शुरू की थी, लेकिन बाद में इसे नियमित कर दिया, ताकि देश के किसी भी कोने से खरीदार सुनवाई में शामिल हो सकें, लेकिन इस सुविधा पर खरीदार व अन्य पक्ष सभ्यता का परिचय नहीं दे रहे हैं। किसी भी अवस्था में सुनवाई में शामिल हो जाते हैं।
कई बनियन पहने रहता है तो कोई खाना खाते समय सुनवाई में जुड़ता है। कोई कार चलाते समय तो कुछ काम कर रहा होता है। वहीं, अधिवक्ता भी लापरवाही बरत रहे हैं। इस पर यूपी रेरा ने फिर आदेश जारी कर सभ्यता और शिष्टाचार के साथ सुनवाई में शामिल होने की हिदायत दी है। यूपी रेरा के सचिव ने कहा है कि सभी पक्ष को अच्छे परिधान में उपस्थित होना होगा और अपना पक्ष शिष्टता के साथ रखेंगे।
बता दें कि यूपी रेरा ने दो वर्ष पूर्व भी एक आदेश जारी किया था, जिसमें अधिवक्ताओं और अन्य पक्षकार की वेशभूषा तय की थी, लेकिन उसका पालन नहीं हो रहा है। यूपी रेरा ने सभी से नियमों का पालन करने की अपील की है। वहीं, सुनवाई के दौरान एक जगह पर कई डिवाइस को जोड़ लेते हैं, जिस कारण अजीब सा शोर शुरू हो जाता है। अधिकतम दो डिवाइस लॉगिन करने और एक स्थान पर एक डिवाइस का प्रयोग करने की अपील की है।
वादा करने के समय खुद बिल्डर को रहना होगा मौजूद
यूपी रेरा ने कहा है कि बिल्डर प्रोजेक्ट से जुड़ी जिम्मेदारी और खामियों को दूर करने का वादा करते हैं, ऐसे में सुनवाई के दौरान बिल्डर को उपस्थित रहना होगा, जो अनिवार्य होगा। बिल्डर को सहयोग के लिए किसी प्रोफेशनल को अपने साथ रखने की छूट दी है।
फरवरी में तय की थी यूपी रेरा ने वेशभूषा
अधिवक्ताओं को काउंसिल ऑफ इंडिया की निर्धारित वेशभूषा पहननी होगी। गाउन पहनने का फैसला अधिवक्ताओं के पास रहेगा। चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सचिव, लेखाकार आदि अन्य पुरुष प्रतिनिधियों को ड्रेस कोड का पालन करना होगा। उनको भारतीय राष्ट्रीय पोशाक या टाउजर-शर्ट और जूते पहनने होंगे। महिला कानूनी प्रतिनिधियों का पहनावा सलवार कमीज, टाउजर-शर्ट या साड़ी होगी। शिकायतकर्ता को पूरी आस्तीन की शर्ट व टाउजर पहननी होगी। धोती-कुर्ता, शेरवानी-पजामा भी पहन सकते हैं।
सचिव यूपी रेरा प्रमोद कुमार उपाध्याय ने बताया कि प्राधिकरण की बैठक और सुनवाई के दौरान अनुशासन बनाए रखना जरुरी हैं। इस संबंध में समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं, लेकिन फिर भी लापरवाही बरती जा रही हैं। सुनवाई के दौरान सभी पक्षकार उपयुक्त परिधान और शिष्टता के साथ अपना पक्ष रखेंगे।