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Delhi NCR News: यूपी रेरा ने रियल एस्टेट प्रोजेक्टों को दिया चार माह का विस्तार

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पश्चिम एशिया की परिस्थितियों से प्रभावित परियोजनाओं को राहत, तय शर्तें पूरी करना जरूरी
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-केवल 28 फरवरी से 31 अक्तूबर के बीच वैधता पूरी होने वाले प्रोजेक्टों को ही मिलेगा इसका लाभ
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने रियल एस्टेट प्रोजेक्टों को चार माह का समय विस्तार देने का आदेश जारी किया है। यह राहत उन परियोजनाओं को मिलेगी, जिनकी वैधता या पूरा होने की निर्धारित तारीख 28 फरवरी से 31 अक्तूबर 2026 के बीच है। हालांकि, इसके लिए बिल्डरों को निर्धारित शर्तें पूरी करनी होंगी।
ईरान-अमेरिका संघर्ष के चलते पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों का असर वैश्विक आपूर्ति शृंखला और निर्माण सामग्री की उपलब्धता पर पड़ा है। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने इसी को देखते हुए देश के सभी रेरा प्राधिकरणों को रियल एस्टेट प्रोजेक्टों को चार माह का विस्तार देने की सलाह दी थी। बिल्डरों और क्रेडाई एनसीआर ने भी यूपी रेरा से इस राहत की मांग की थी।
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यूपी रेरा के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों के कारण कई परियोजनाओं के निर्माण और उन्हें पूरा करने में देरी हुई है। इसलिए पात्र प्रोजेक्टों की पंजीकरण वैधता और परियोजना पूरी करने की अवधि में चार माह जोड़े जाएंगे। जिन परियोजनाओं को पहले ही ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) या कंप्लीशन सर्टिफिकेट (सीसी) मिल चुका है, वे इस सुविधा के पात्र नहीं होंगे।
शर्तों के साथ दिया जाएगा समय विस्तार
यूपी रेरा ने चार माह का विस्तार कुछ शर्तों के अधीन रखा है। परियोजना का स्वीकृत नक्शा, लेआउट या भवन योजना 28 फरवरी 2026 तक वैध होना चाहिए। इसके अलावा बिल्डर को पंजीकरण की वैधता की अंतिम तिमाही तक सभी तिमाही प्रगति रिपोर्ट जमा करनी होगी। वित्तीय वर्ष 2024-25 की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट जमा होना भी अनिवार्य है। इन शर्तों की जांच के बाद ही विस्तार का लाभ दिया जाएगा।
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खरीदारों के अधिकारों पर कोई असर नहीं
समय विस्तार केवल परियोजना के पंजीकरण और उसे पूरा करने की समय-सीमा तक सीमित रहेगा। इससे बिक्री समझौते के तहत प्रमोटर और खरीदार के कानूनी अधिकार व दायित्व प्रभावित नहीं होंगे। बिक्री समझौते में निर्धारित कब्जे की तारीख इस विस्तार के कारण आगे नहीं बढ़ेगी। कब्जा देने में देरी अथवा खरीदार की ओर से भुगतान में देरी पर ब्याज रेरा के नियमों के अनुसार ही लागू होगा।
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