हाईवे कांड की दरिंदगी पर जिला समेत प्रदेशभर की राजनीति में उबाल आ गया है। दरिंदगी पर जिले की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी पार्टियों के निशाने पर सीधे-सीधे प्रदेश के मुखिया अखिलेश यादव आ गए हैं।
विपक्षी नेताओं ने खराब कानून व्यवस्था पर प्रदेश सरकार की बर्खास्तगी की मांग की है। वहीं व्यापारियों ने भी दरिंदगी के खिलाफ मार्च निकालकर विरोध जताया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुभाष गांधी, विधायक श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित, सुनील चरौरा, मुनीर अकबर तत्काल मौके पर पहुंच गए और इसे जघन्य अपराध बताया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कभी न ऐसा अपराध सुना है और न ही पढ़ा है। व्यापारी नेता नरेन्द्र अग्रवाल समेत कई व्यापारियों ने भी दरिंदगी पर आक्रोश जाहिर किया है।
विरोधियों के निशाने पर सीएम अखिलेश यादव
मां-बेटी गैंगरेप घटनास्थल पर पहुंची पुलिस
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'प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल है। अपराधियों के हौंसले बुलंद हैं। प्रदेश में गुंडाराज है। जिले का प्रशासन भी प्रदेश सरकार के दबाव में काम कर रहा है।' - डॉ. भोला सिंह, सांसद
'इस अपराध की कल्पना करने से भी रुह कांप जाती है। इस दरिंदगी को झेलने वाले परिवार पर क्या बीत रही होगी, इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है। इस घटना से प्रदेश में कानून व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।' - चंद्र मोहन, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा
'प्रदेश में अपराधियों का बोलबाला है। सपा सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है। गुंडे, बदमाश सरेआम घूम रहे हैं और आम आदमी को उनसे डरकर रहना पड़ रहा है। अखिलेश सरकार हर मोर्चे पर फेल है।' - हिमांशु मित्तल, जिलाध्यक्ष, भाजपा
'इस दरिंदगी ने उन्हें और प्रत्येक कांग्रेसी को झकझोर दिया है। जब सरकार में ही अपराधी बैठे हों तो फिर आम आदमी खुद को कैसे सहज पाएगा। प्रदेश गुंडों और बदमाशों के हाथ में है। यह अपराध जघन्य है।' - सुभाष गांधी, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
'प्रदेश अराजक तत्वों के हाथ में चला गया है। बहन-बेटी खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। जब कोई महिला अपने परिवार के साथ सुरक्षित नहीं है तो फिर वह महिला अकेले कैसे खुद को सुरक्षित महसूस कर सकती है।' - राजीव चौधरी, जिलाध्यक्ष, रालोद