पुलिस मौके पर पहुंची और पीसीआर कर्मियों ने पूछताछ करने के बाद प्रकाश ठाकुर को साथ बैठा लिया। प्रॉपर्टी डीलर ने विरोध किया, लेकिन पुलिसकर्मी नहीं माने। घायल को अस्पताल में दाखिल कराकर वे प्रकाश को थाने ले गए।
प्रकाश के मुताबिक, वहां उनसे पूछताछ की गई। पुलिसवालों ने कहा कि वह तब तक थाने में ही रहेंगे, जब तक उस व्यक्ति को होश नहीं आ जाता। यह मामला करीब दो घंटे बाद आला अधिकारियों तक पहुंचा तो उनके आदेश पर प्रकाश को छोड़ा गया।
आला अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। उधर, दो घंटे तक युवक हवालात में ही रहा। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश हैं कि घायल की मदद करने वाले को कतई परेशान न किया जाए।