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मनीष सिसोदिया ने लिखी दिल्ली के नाम चिट्ठी, जनता से पूछे ये सवाल और खोले कई राज

Mon, 22 Jan 2018 01:40 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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मनीष स‌िसोद‌िया - फोटो : अमर उजाला
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रविवार को "लाभ का पद" मामले में राष्ट्रपति ने भी चुनाव आयोग की सिफारिश को मंजूरी दे दी। यानि दिल्ली के 20 विधायकों की सदस्यता अब रद्द हो चुकी है। आम आदमी पार्टी ने इसे पूरी तरह अन्याय मानते हुए केंद्र सरकार पर बहुत से आरोप लगाए हैं।  इसी मामले पर दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने दिल्ली की जनता के नाम पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने तीन सालों का ब्योरा दिया है। साथ ही दिल्ली की जनता से सवाल करते हुए कई राज भी खोले हैं। 

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पढ़ें मनीष सिसोदिया की लिखी पूरी चिट्ठी-

मेरे प्यारे दिल्लीवासी,
आज इस खुले पत्र के माध्यम से मैं आपसे सीधे बात करना चाहता हूं। मन दु:खी है। पर निराश नहीं हूं। क्योंकि मझे आप पर भरोसा है।दिल्ली को और देश के लोग मेरी आशा हैं।

तीन साल पहले आपने 70 में से 67 विधायक चुनकर आम आदमी पार्टी की सरकार बनाई थी। आज इन्होंने आप के 20 विधायकों को बर्खासत कर दिया। इनका कहना है कि यो 20 विधायक "लाभ के पद" पर थे।
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हमने इन 20 विधायकों को संसदीय सचिव बनाया था और इन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां दी थी। जैसे एक विधायक को सरकारी स्कूल की ज्म्मेदारी दी। वो रोज सरकारी स्कूलों में जाता था, देखता था कि टीचर आए हैं, सबकुछ ठीक चल रहा था। जहां जरूरत होती थी वहां एक्शन लेता था। इसी तरह एक विधायक को सरकारी अस्पतालों की जिम्मेदारी दी, एक विधायक को मोहल्ला क्लीनिक की जिम्मेदारी दी। इस तरह 20 विधायकों को हमने अलग अलग जिम्मेदारियां दी। बदले में इन विधायकों को कोई सरकारी गाड़ी नहीं दी, कोई बंगला नहीं दिया, एक नया पैसा तनख्वा नहीं दी। कुछ भी नहीं दिया। ये सभी विधायक अपने खुद के पैसे खर्च करके काम करते थे क्योंकि ये सब आंदोलन से आए थे और देश के लिए काम करने का जुनून था। 

जब इनको कुछ नहीं दिया तो ये "लाभ का पद" कैसे हो गया? आपके इन विधायकों ने चुनाव आयोग को कहा कि इन्हें अपनी बात कहने का मौका दिया जाए। ये साबित कर देंगे कि इन्हें कोई लाभ नहीं मिला। चुनाव आयोग ने इन्हें 23 जून को पत्र लिखकर कहा कि इन्हें सुनवाई के लिए तारीख दी जाएगी। इसके बाद इन्हें सुनवाई की केई तारीख नहीं दी गई और सीधे केंद्र सरकार ने आप के इन 20 विधायकों को बर्खासत कर दिया, बिना सुनवाई किए, बिना इनके सबूत और गवाह देखे। 

ये तो केंद्र सरकार जनता के साथ घोर अन्याय कर रही है। आपके द्वारा चुने हुए 20 विधायकों को बिना सुनवाई के मनमाने ढ़ंग से बर्खासत कर दिया?  

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बताया तीन सालों के काम का ब्योरा, पूछे कई सवाल

डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया - फोटो : File Photo
केंद्र सरकार ऐसा पहली बार नहीं कर रही। तीन सालों में उन्होंने आपके द्वारा चुनी हुई दिल्ली सरकार को तंग करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। आपके 20 विधायकों के खिलाफ झूठे मुकदमें लगा कर गिरफ्तार किया गया। जब कोर्ट में परेशी हुई तो कोर्ट ने सबको छोड़ दिया। कई मामलों में तो कोर्ट ने केंद्र सरकार को फर्जी मुकदमे लगाने के लिए कड़ी फटकार लगाई। फिर इन्होंने आप के CM अरविंद केजरीवाल पर CBI की रेड करवा दी लेकिन इनको कुछ नहीं मिला। फिर इन्होंने आप के विधायकों को करोड़ों रूपये देकर खरीदने की कोशिश की। पर आपके विधायक इतने मजबूत निकले कि ये लोग आपके एक विधायक को भी नहीं तोड़ पाए। फिर इन्होंने केजरीवाल सरकार की 400 फाइलों की जांच के आदेश दिए। इनको उम्मीद थी कि इन फाइलों में केजरीवाल के खिलाफ जरूर कुछ मिल जाएगा और ये केजरीवाल को गिरफ्तार कर लेंगे। 6 महीने तक LG साहब के दफ्तर में 20 अफ्सर इन  फाइलों की जांच करते रहे पर इनको कुछ नहीं मिला। 

सब तरफ से हारकर इन्होंने अब आपके 20 विधायकों को बर्खास्त कर दया। ये लोग आखिरकार ये सब कर क्यों रहे हैं? ये लोग हमें इतना तंग क्यों कर रहे हैं? हमारा कसूर क्या है?

मैं बताता हूं कि ये लोग ऐसा क्यों कर रहे हैं। तीन साल पहले आपने देश की सबसे इमानदार सरकार चुनी। पिछले तीन सालों में आपकी सरकार ने ढ़ेरों काम किए। दिल्ली में बिजली के दाम देश में सबसे कम कर दिए, तीन साल में दिल्ली में बिजली के दाम बढ़ने नहीं दिए, पानी मु्फ्त कर दिया, 309 कालोनियों में पाइप बिछा कर घर घर तक पानी पहुंचाया, सरकारी स्कूलों का कायापलट किया, प्राइवेट स्कूलों में भढ़ी फीस वापिस दिलवाई, मोहल्ला क्लीनिक बनाए, सभी अस्पतालों में दवाई और टेस्ट मुफ्त कर दिए, बुजुर्गों की पेंशन बढ़ा दी, कई नए फ्लाईओवर बनाए, कई नई सड़कें बनवाई, कई कालोनियों नें गली नालियां बनवाईं। आपकी ईमानदार सरकार ने इन तीन सालों में और भी ढ़ेंरों काम किए।

अब 2 सल बचे हैं। इन दो सालों में और बहुत सारे काम करने हैं। पूरी दिल्ली में CCTV कैमरे लगाने हैं, पूरी दिल्ली में Wi Fi की योजना बना ली है, सरकारी सेवाओं की डोरस्टेप डिलीवरी की योजना लागू होने जा रही है, हर महीने राशन घर घर तक पहुंचाने का इंतजाम कर रहे हैं, दिल्ली की सारी कच्ची कालोनियों में पानी, सीवर, गली और नाली बनाने का काम शुरू हो गया है। ये सब काम अगले 2 सालों में करने हैं। 

ये लोग इसी बात से घबरा रहे हैं। जिस तेजी से केजरीवाल सरकार काम कर रही है, इन्हें उसी बात से डर लग रहा है। केजरीवाल जी अपने अच्छे कामों की वजह से दिल्ली ही नहीं, पूरे देश में लोकप्रिय होते जा रहे हैं। ये केजरीवाल सरकार को काम नहीं करने देना चाहते। 

भाजपा का अपना ग्राफ तेजी से गिर रहा है। भाजपा से आज सब गुस्सा हैं- दलित, किसान. व्यापारी, मजदूर, यूथ, विघार्थी, अल्पसंख्यक- सब इनसे नाराज हैं। ये लोग केजरीवाल को काम करने से हर हाल में रोकना चाहते हैं। 

20 विधायकों को बर्खास्त करके जिन्होंने दिल्ली पर चुनाव थोप दिए। अब आचार संहिता लग जाएगी और दिल्ली में सारा सरकारी काम रूक जाएगा। उसके बाद लोकसभा के चुनाव आ जाएंगे। फिर आचार संहिता लग जाएगी और फिर सारा सरकारी काम रुक जाएगा। और उसके बाद विधानसभा के चुनाव आ जाएंगे। 

तो इन 20 विधान सभाओं पर चुनाव थोप कर एक तरह से भाजपा ने अगले दो सालों में तक दिल्ली में सारा विकास का काम रोक दिया। और इन 20 विधानसभाओं में चुनाव में फिजूल में आपका पैसा व्यर्थ होगा। 

क्या ये गंदी राजनीति नहीं है? क्या दिल्ली को इस तरह चुनावों में धकेलना ठीक है? क्या दिल्ली के सारे विकास कार्यों को दो साल तक ठप करना सही है? क्या इस तरह गैर संवैधानिक और गैर कानूनी तरीके से आपके चुने हुए विधायकों को बर्खास्त करना सही है?

मुझे आपसे ही उम्मीद है। आप जरूर इसका सही और असरदार जवाब देंगे।

आपका अपना,
मनीष सिसोदिया
<blockquote class="twitter-tweet" data-lang="en"><p lang="hi" dir="ltr">दिल्ली की जनता के लिए मेरा एक पत्र <br><br>क्या चुने हुए विधायकों को इस तरह गैर-संवैधानिक और गैर-कानूनी तरीके से बर्खास्त करना सही है?<br><br>क्या दिल्ली को इस तरह चुनावों में धकेलना ठीक है? <br><br>क्या ये गंदी राजनीति नहीं है? <a href="https://t.co/9QzU52bTay">pic.twitter.com/9QzU52bTay</a></p>&mdash; Manish Sisodia (@msisodia) <a href="https://twitter.com/msisodia/status/955308675043872773?ref_src=twsrc%5Etfw">January 22, 2018</a></blockquote>
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