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यूपी: मनचले ने छात्रा से मांगा मोबाइल नंबर, पुलिस बोली-नंबर मांगना अपराध नहीं

Sun, 11 Oct 2020 08:58 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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गाजियाबाद पुलिस की नजर में छात्रा को सरेराह रोककर उससे मोबाइल नंबर मांगना और छेड़छाड़ करना अपराध नहीं है। विजयनगर थानाक्षेत्र में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें मनचले ने छात्रा को रास्ते में रोककर उससे मोबाइल नंबर मांगा। 
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छात्रा के विरोध करने पर उससे छेड़छाड़ की। छात्रा के शोर मचाने पर उसके परिजन मौके पर पहुंचे तो आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर छात्रा और उसके परिजनों को लोहे की राड से पीटकर लहूलुहान कर दिया। लेकिन पुलिस ने छेड़छाड़ के बजाय बलवा और मारपीट की धारा में केस दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 

वहीं, दूसरे मामले में कॉलेज जा रही छात्रा का रास्ते से अपहरण हो गया। लेकिन जांच अधिकारी ने ये कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया कि अभी एफआईआर की कॉपी नहीं मिली है। मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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केस एक: विजयनगर थानाक्षेत्र में रहने वाली 11वीं कक्षा की छात्रा शुक्रवार रात दुकान से सामान लेने जा रही थी। रास्ते में पड़ोसी युवक शरद ने उसे रोका और मोबाइल नंबर मांगने लगा। मना करने पर शरद ने गाली-गलौच शुरू कर दी। 

छात्रा ने विरोध करते हुए शोर मचाया तो परिवार के लोग मौके पर आ गए। इसी बीच आरोपी ने भी अपने साथियों को वहां बुला लिया। जिसके बाद आरोपियों ने छात्रा और उसके परिजनों पर रॉड आदि से हमला बोल दिया। हमले में छात्रा का सिर फट गया, परिजन भी गंभीर रूप से घायल हो गए। 

पुलिस ने तहरीर के आधार पर शरद, उसके साथी रोहित, पिंकी व ऋषभ के अलावा तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा और मारपीट की धारा में केस दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

छात्रा बोली, पहले भी पीछा कर चुका है आरोपी: छात्रा का कहना है कि शरद ने उसका जीना दुश्वार कर रखा है। घर से निकलते ही वह उसका पीछा करता था। उसने उसकी बातों को कभी गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन शुक्रवार रात को रास्ता रोककर उसके साथ छेड़छाड़ की और फिर मोबाइल नंबर मांगने लगा। 

छात्रा का कहना है कि आरोपी और उसके साथी नशे के आदी हैं और नशा करने के बाद चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं। पीड़िता का यहां तक कहना है कि मुख्य आरोपी जेल भी जा चुका है।
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लड़की से मोबाइल नंबर मांगने को अपराध नहीं मानती पुलिस: छात्रा का कहना है कि आरोपी सरेराह रोककर उसका मोबाइल नंबर मांगता है, उससे छेड़छाड़ करता है लेकिन एसएचओ विजयनगर महावीर सिंह चौहान का कहना है कि किसी लड़की से मोबाइल नंबर मांगना छेड़छाड़ की श्रेणी में नहीं आता है।

छात्रा ने जो तहरीर दी थी, उसी के आधार पर केस में धाराएं लगाई गई हैं। अगर पीड़िता बयानों में छेड़छाड़ की बात कहती है तो उसके आधार पर धाराओं को बढ़ाया जाएगा।

केस दो: कॉलेज जाते समय छात्रा का रास्ते से अपहरण
कविनगर थानाक्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति ने एफआईआर दर्ज कराई है कि उसकी बेटी 28 सितंबर को कॉलेज गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। काफी तलाश के बावजूद सुराग न लगने पर दो अक्तूबर को परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज करा दी। छात्रा के परिजनों के मुताबिक जांच-पड़ताल में पता चला कि हाथरस निवासी युवक व उसके परिजन उनकी बेटी को कॉलेज जाते समय रास्ते से उठाकर ले गए हैं।

यह जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने गुमशुदगी को अपहरण की धारा में तब्दील कर केस दर्ज कर लिया। लेकिन, इस मामले की जांच में भी पुलिस का रवैया बेहद लचर रहा। छात्रा की बरामदगी के सवाल पर जांच अधिकारी व गोविंदपुरम चौकी इंचार्ज अनिल यादव ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि अभी उनके पास एफआईआर की कॉपी ही नहीं आई है। जबकि परिजनों का कहना है कि दो अक्टूबर को गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद से ही वह लगातार थाने और चौकी के चक्कर काट रहे हैं।

दोनों ही मामलों की स्टेटस रिपोर्ट संबंधित थाना पुलिस से तलब की जाएगी। अगर पीड़ित पक्ष की बात न मानकर पुलिस ने अपनी मनमानी की है तो संबंधित के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - अभिषेक वर्मा, एसपी सिटी
 
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