राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने शुक्रवार को रेत माफिया के खिलाफ कवरेज करने वाले पत्रकार की हत्या के मामले में यूपी सरकार और पुलिस को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, आयोग ने पत्रकार की हत्या पर मीडिया रिपोर्टों का स्वत: संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस भेजा है। कानपुर के स्थानीय अखबार कंपू मेल के पत्रकार की बीते दिनों रेत माफिया के खिलाफ खबर छापने के बाद हत्या कर दी गई थी।
मंगलवार को पुलिस ने इस केस में किया था खुलासा
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र में चार पहले दिनदहाड़े गोली मारकर की गई पत्रकार शुभममणि त्रिपाठी की हत्या का मंगलवार को एएसपी ने खुलासा कर दिया। एएसपी के अनुसार इस घटना में नामजद लेडी डॉन और भूमाफिया दिव्या अवस्थी के इशारे पर उनके नजदीकी ने चार लाख की सुपारी देकर पत्रकार की हत्या कराई थी। एक नामजद व उसके दो साथियों को गिरफ्तार करते हुए इसका खुलासा किया।
घटना में भूमाफिया दिव्या अवस्थी व उसके नजदीकी (सुपारी देने वाला) सहित 9 नामजदों और दोनों शूटरों की गिरफ्तारी बाकी है। पुलिस के अनुसार पत्रकार द्वारा भूमाफिया के खिलाफ सोशल मीडिया पर चलाई गई मुहिम हत्या का कारण बनी। दिव्या अवस्थी पर 10 हजार व उसके देवर समेत अन्य दो पर 5-5 हजार रुपये का ईनाम भी पुलिस ने घोषित कर दिया है।
गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला पोनी रोड झंडा चौराहा निवासी 28 वर्षीय प्रापर्टी डीलर व पत्रकार शुभममणि त्रिपाठी 19 जून शुक्रवार को अपने दोस्त मुख्तार अहमद के साथ शहर आया था। दोपहर बाद बाइक से घर लौटते समय सहजनी मोड़ के पास बाइक सवार दो अज्ञात लोगों ने गोली मारकर शुभममणि की हत्या कर दी थी। मृतक के भाई ऋषभमणि त्रिपाठी ने शुक्लागंज के मोहल्ला शक्ति नगर निवासी भूमाफिया दिव्या अवस्थी व उनके पति कन्हैया अवस्थी सहित दस लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।