आरोप है कि 10 अप्रैल 2019 को ससुरालियों ने श्वेता को मारपीट कर घर से निकाल दिया, जिसके बाद वह मायके आकर रहने लगी। मायके में ही 18 अगस्त को श्वेता ने एक पुत्री को जन्म दिया। इससे ससुराल के लोग और खिन्न हो गए।
मुरारी लाल के अनुसार पुत्री को बेटी होने के बाद उसने दामाद से काफी मन्नतें कि जिसके बाद वरुण उसे घर ले गया। लेकिन ससुराल के लोगों ने श्वेता को प्रताड़ित करना बंद नहीं किया। उसे कमरे में बंद कर यातनाएं दी गईं।
भूखा-प्यासा रखा गया, जिसके चलते उसकी हालत बिगड़ गई। वहीं विवाहिता का मानसिक संतुलन भी डगमगा गया। इसका पता चलने पर परिजन श्वेता को हापुड़ ले आए और अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल वह आईसीयू में भर्ती है।
थाना देहात प्रभारी रविंद्र राठी ने बताया कि तहरीर के आधार पर पति वरुण सिंह, ससुर चंद्रप्रकाश, जेठ तरुण, अरुण जेठानी नीतू व सरिता के खिलाफ जान से मारने का प्रयास सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।