जिला अस्पताल में रैन बसेरा बनाया जा रहा है। ओपीडी के सामने बनी बिल्डिंग में रैन बसेरा बनेगा। सीएमएस ने बताया कि अस्पताल में करीब 80 लाख से ऊपर का यूजर चार्ज इकट्ठा हो गया है। यूजर चार्ज से रैन बसेरा में जरूरत की चीजें रखवाई जाएंगी। एक दो दिनों में टेंडर जारी हो जाएगा।
मार्च के बाद सरकार उठाएगी खर्च
अभी जिला अस्पताल का खर्च प्राधिकरण उठा रहा है। हर महीने करीब अस्पताल की दवाइयों से लेकर डॉक्टरों की सैलरी पर 1 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। मार्च से प्राधिकरण के बजाए सरकार अस्पताल का खर्च उठाएगी।
जल्द ही अस्पताल के 300 बेड होने की बातचीत भी शासन स्तर पर चल रही है। वहीं, सेक्टर-39 में बनी रही अस्पताल की बिल्डिंग का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। तीन से चार महीने में बिल्डिंग बनकर तैयार हो जाएगी।
महंगे इलाज से मिलेगी निजात
नोएडा में निजी अस्पतालों का वर्चस्व है। यहां पर महंगे से महंगे अस्पताल हैं और बिल को लेकर आए दिन विवाद होते रहते हैं। अब जिला अस्पताल में आने वाले समय में 300 बेड की व्यवस्था हो जाएगी, इसके बाद ऐसे विवादों में कमी आएगी।
प्रदेश सरकार द्वारा संचालित होते ही इसमें डॉक्टरों से लेकर अत्याधुनिक मशीनों का भी इंतजाम करना आसान होगा। पास में ही चाइल्ड पीजीआई में भी 300 बेड बनने हैं, हालांकि एम्स इसे टेकओवर करेगा कि नहीं, इस पर बात चल रही है। इसके अलावा सेक्टर-39 में भी जिला अस्पताल की बिल्डिंग तैयार हो रही है, वहां पर 250 बेड बन रहे हैं।
अगर सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल, सेक्टर-39 निर्माणाधीन जिला अस्पताल में शिफ्ट हो गया तो चाइल्ड पीजीआई के पास 600 बेड का इंतजाम हो जाएगा। इससे आने वाले समय में नोएडा के गरीब लोगों के लिए सरकारी चिकित्सा सुविधा मिलना काफी आसान हो जाएगा।