सुदीक्षा भाटी और विक्रम जोशी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
यूपी में इन दिनों अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, जिसकी कीमत कई बार आम जनता को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है। महिलाओं के खिलाफ अपराध की एक लंबी फेहरिस्त है जो यूपी पुलिस और राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। इसका ताजा उदाहरण बुलंदशहर के सिकंदराबाद में हुई सुदीक्षा भाटी की मौत है जिसमें छेड़खानी के दौरान सड़क दुर्घटना में छात्रा की जान चली गई।
हालांकि पुलिस ने इस मामले में छेड़खानी होने की बात से साफ इनकार किया है और कहा है कि यह मात्र एक सड़क दुर्घटना ही थी। वहीं परिवार का कहना है कि कुछ बाइक सवार शोहदे कई किलोमीटर तक सुदीक्षा और उसके भाई का पीछा करते रहे, जिसमें दुर्घटना का शिकार होकर उसकी मौत हो गई है।
हालांकि यह अकेला मामला नहीं है जिसमें ऐसा हुआ हो। इससे पहले गाजियाबाद के पत्रकार विक्रम जोशी की भी जान सिर्फ इसलिए चली गई थी क्योंकि वह अपनी भांजी केे साथ हुई छेड़छाड़ की वारदात की रिपोर्ट पुलिस में कराना चाहते थे।
उन्होंने पुलिस से कई बार रिपोर्ट लिखने के लिए कहा लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज नहीं की। फिर एक दिन जब वह अपनी बहन के घर से लौट रहे थे तो बीच सड़क पर कुछ बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने विक्रम जोशी हत्याकांड में 9 आरोपियों को तो वारदात के अगले दिन ही पकड़ लिया था वहीं मुख्य आरोपी को बीते सप्ताह ही गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार अब इस मामले में कोई गिरफ्तारी शेष नहीं है और अब मामले की चार्जशीट तैयार की जा रही है।