एक बार उन्होंने मुझे ये जोक सुनाया कि, 'शिवजी ने पार्वती से बोला मुझे वो चाहिए।' वह ऐसे जोक्स सुनाते रहते थे। वो मुझे अपने ऑफिस बुलाकर काम डिस्कस करने की बात करते थे।
जब मैं वहां जाती थी तो वह मुझे अपने बगल में सोफे पर बैठाते थे ना कि टेबल चेयर पर। जब वो मेरे बगल में सोफे पर बैठे होते थे तो वो मेरी पीठ और कंधे को गलत तरीके से और वो भी मेरी इजाजत के बिना छूते थे।
यह हमेशा ही जानबूझकर होता था और मुझे बहुत अनकफर्टेबल कर देता था। 2014 में जब मैं उनके चेंबर में अपनी सिनॉप्सिस के बारे में पूछने गई तो उन्होंने मुझसे कहा कि, 'तुम्हारे वक्ष बहुत अच्छे हैं। तुम अपनी कमर को मेंटेन करो ताकि तुम उन लड़कियों जैसी ना दिखों जो उस पर ध्यान नहीं देतीं और बदसूरत दिखती हैं।'
जब मैंने उनसे ऐसी बातों को ना करने को कहा तो वो बोले, 'कम ऑन तुम एक बालिग लड़की हो।' यह सभी बयान हमेशा ही मुझे नापसंद आते थे और काफी शर्मिंदा भी करते थे। जब मैंने ये बातें अपने लैबमेट्स को बताई और उसे पता चला कि मैंने किसी और लड़की को उसके ऐसी बातों के बारे में बताया है तो वह मेरी तरफ दंडातत्मक रवैया अपनाने लगे।
जेएनयू के छात्रों का प्रोफेसर जौहरी की बर्खास्तगी को लेकर प्रदर्शन
- फोटो : ani
इसके बाद तो उन्होंने मुझसे जैसे दुश्मनी निकालनी शुरू कर दी। वह मेरे काम को नजरअंदाज करने लगे और मेरे सभी शैक्षणिक कार्यों में देरी करने लगे। मैंने डीन को अपना सुपरवाइजर बदलने को कहा और बताया कि मेरा यौन शोषण हो रहा है। चूंकि मैं अपना लैब नहीं बदल सकती थी तो मेरे पास उनके सुपरवाइजेशन में काम करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं रह गया था।
जनवरी 2017 में मैंने अपना हस्तलिखित रिसर्च पेपर प्रोफेसर को भेजा लेकिन आज तक(एफआईआर दर्ज कराने के दिन तक) उन्होंने इस बारे में कोई उत्तर नहीं दिया है। जब भी कोई लड़की उनकी अश्लील हरकतों पर आपत्ति जताती है जैसे कि मैं तो वह उस लड़की के शैक्षणिक कार्यों में देरी करते हैं जैसा उन्होंने मेरे केस में किया।
मैं बहुत ही ज्यादा तनाव में हूं और चिंतित भी हूं क्योंकि मुझे जुलाई में अपनी थीसिस जमा करनी है। आज तक मैंने इसलिए कोई शिकायत नहीं की थी क्योंकि मुझे मेरे बाकी डिपार्टमेंट से भी को रिस्पॉन्स नहीं मिला और मैं अपने पीएचडी को पूरा् करने के लिए बहुत चिंतित रहती हूं। लेकिन उनके रहने से मैंने हमेशा असुरक्षित महसूस किया है और उनके भद्दे कमेंट्स से मैं बहुत असहज हो जाती हूं।
कई बार अतुल जौहरी की पत्नी आकर हमसे ये रिक्वेस्ट कर चुकी हैं कि हम शाम को 6 बजे के बाद लैब में ना रहें या सर के साथ किसी शैक्षणिक गतिविधियों में लिप्त ना रहें। इस डर से कि अतुल जौहरी के खिलाफ शिकायत करने से मेरी प्रोफेशनल और शैक्षणिक लाइफ बर्बाद हो जाएगी मैंने कभी शिकायत नहीं की।
हालांकि आज की(जिस दिन एफआईआर हुई) इस खबर को पढ़ने के बाद कि उसने मेरे ही सेंटर की अन्य छात्रा के साथ क्या किया है मैंने शिकायत दर्ज कराने की ठानी। मैं ये विनती करती हूं कि जौहरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।