बुलंदशहर की सदर विधानसभा सीट पर भाजपा को फिर से परचम लहराने का मौका मतदाताओं ने दिया है। प्रत्याशियों की अधिक संख्या, कम मतदान प्रतिशत के बावजूद भाजपा ने बेहतर जीत हासिल की है। जिससे साफ है कि दिग्गजों की प्रतिष्ठा को सदर सीट की जनता ने सम्मान के साथ बचा लिया है। क्योंकि, भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में प्रदेश के मुखिया समेत विभिन्न मंत्री जनसभा कर चुके और कई दिग्गज चुनाव होने तक यहीं डेरा डाले रहे थे।
भाजपा के लिए पूर्व में विभिन्न क्षेत्रों में हुए उपचुनावों के नतीजे बेहतर नहीं रहे थे। इसलिए भाजपा ने सदर सीट पर उपचुनाव में विजय हासिल करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था। भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशाल जनसभा कर वोट मांगे।
यही, नहीं भाजपा के विभिन्न राज्यमंत्री और संगठन मंत्री भी चुनाव में जीत हासिल करने के लिए यहां डेरा जमाए रहे और घर-घर जाकर लोगों से वोट मांगे। इस कारण, इस सीट पर भाजपा की जीत प्रतिष्ठा का सवाल बन गई थी।
हालांकि, मतदान वाले दिन यहां सिर्फ 52.56 प्रतिशत ही मतदान हुआ। जबकि, मैदान में 18 प्रत्याशी ताल ठोक रहे थे। जिससे अंदाजा भी लगाया जा रहा था कि शायद इस बार भाजपा के लिए जीत हासिल करना आसान नहीं होगा। क्योंकि, गत 2017 के सदर विधानसभा सीट पर हुए चुनाव का आंकड़ा देखें तो उस दौरान कुल सात प्रत्याशी मैदान में थे।
भाजपा प्रत्याशी ने उस दौरान 1,11,538 मत हासिल कि थे। जबकि, बसपा प्रत्याशी हाजी अलीम ने 88454 मत हासिल किए थे। कुल मतदान में 2,45,082 मत पड़े थे, जबकि मतदान प्रतिशत 64.27 प्रतिशत रहा था। जो कि इस उपचुनाव से काफी बेहतर आंकड़ा था। जबकि, 2017 के चुनाव में सपा प्रत्याशी ने 24119 मत हासिल किए थे और रालोद प्रत्याशी ने भी 17,216 मत हासिल किए थे। जो, इस बार के सपा-रालोद गठबंधन प्रत्याशी से काफी अधिक हैं।
वहीं, दूसरी ओर इस उपचुनाव में पहली बार मैदान में उतरी आजाद समाज पार्टी ने भाजपा और बसपा प्रत्याशी को छोड़ सभी दलों को पछाड़ कर तीसरा मुकाम हासिल किया और अपनी बेहतर उपस्थिति दर्ज करा दी है। जो कि, आगामी चुनावों में बसपा के लिए चुनौती भी बन सकती है।