बिसरख कोतवाली क्षेत्र स्थित आश्रम में युवती से दुष्कर्म की कोशिश के मामले की जांच सीओ तृतीय के अवकाश पर जाने के कारण अभी अटकी हुई है। यूपी-100 ने मामले में घटना के 30 घंटे बाद पीआरवी का गुडवर्क बताते हुए ट्विटर पर प्रेस नोट जारी किया।
जिसमें गलत नीयत से युवती को बंधक बनाने की बात लिखी हुई है। वहीं, कोतवाली पुलिस मामले में तहरीर नहीं मिलने की बात कह रही है।
शुक्रवार को पिलखुवा की एक युवती ने यूपी-100 पर कॉल कर सूचना दी थी कि बिसरख कोतवाली क्षेत्र स्थित बाबा व एक अन्य युवक ने दुष्कर्म की कोशिश की। पीड़िता बाबा से भिड़ गई और उसका मोबाइल छीनकर खुद को कमरे में बंद कर लिया।
पीड़िता की सूचना पर तुरंत पीआरवी मौके पर पहुंची और पीड़िता को कमरे से बंधन मुक्त करा दिया। पीआरवी पर तैनात पुलिसकर्मी बाबा व एक अन्य युवक को हिरासत में लेकर थाने आ गए। जबकि यूपी-100 के ट्विटर हैंडल पर ट्विट पर पीआरवी के कार्य व युवती की बहादुरी की प्रशंसा की।
वहीं, इस मामले में कोतवाली पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस घटना के 30 घंटे बाद यूपी-100 के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर पूरे प्रदेश में पीआरवी के गुडवर्क की प्रेस विज्ञप्ति में इस घटना का भी जिक्र किया गया।
जबकि बिसरख कोतवाली पुलिस अभी भी तहरीर नहीं मिलने के कारण कार्रवाई न किए जाने की बात पर अड़ी है। सीओ ग्रेटर नोएडा तृतीय को मामले की जांच सौंपी गई है लेकिन वह शनिवार को अवकाश पर थे। इसके चलते इस सवाल का जवाब अब भी नहीं मिल पाया है कि युवती आश्रम में क्यों पहुंची थी और उसने खुद को बंद कर दुष्कर्म की कोशिश की सूचना क्यों दी।