फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विरोधियों से नहीं पार्टियां अपनों से हैं परेशान

विज्ञापन
विज्ञापन
कांग्रेस के जिला उप प्रधान धर्मवीर भड़ाना हाथ छोड़कर अब हाथी की सवारी कर रहे हैं। ब्लॉक कार्यकारी अध्यक्ष, एनआईटी एवं पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर जिले सिंह व ओबीसी सेल के जिलाध्यक्ष सतीश फागना की आस्था कमल के साथ खिल गई है।
विज्ञापन


जिला महासचिव तिलकराज शर्मा ने पार्टी तो नहीं छोड़ी लेकिन पंजाबी अस्मिता के नाम पर वो खुलेआम इनेलो प्रत्याशी आरके आनंद का प्रचार कर रहे हैं। युवक कांग्रेस के उपाध्यक्ष विजय शर्मा भी भाजपा के साथ हो गए हैं। भाजपा में भर्ती होने से पहले वह कांग्रेस का गुणगान कर रहे थे।

पूर्व मंत्री कर्ण सिंह दलाल ने अवतार सिंह भड़ाना का प्रचार करने से अच्छा रोहतक में मुख्यमंत्री पुत्र दीपेंद्र हुड्डा के साथ रहना ज्यादा अच्छा समझा है। वह टिकट के दावेदार थे। बड़खल क्षेत्र के विधायक एवं राजस्व मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह भड़ाना के मंचों पर नहीं दिखाई दे रहे हैं। हालांकि उन्होंने अपने दो बेटों को प्रचार में भेजा है।
विज्ञापन

भाजपा में भी कम नहीं अंतर्कलह

पूर्व सांसद रामचंद्र बैंदा कृष्णपाल गुर्जर के मंच पर नहीं दिखाई दे रहे हैं। वह इस बार भी टिकट के दावेदार थे। भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सतवीर डागर भी गुर्जर के साथ नहीं हैं। वह भी टिकटार्थी थे।

मनधीर सिंह मान हर हाल में भाजपा को झटका देने पर उतारू हैं। पहले उन्होंने निर्दलीय पर्चा भरा। लेकिन दाल गलती नहीं दिखी तो इनेलो प्रत्याशी आरके आनंद को समर्थन दे दिया। उनका मकसद अब खेल बिगाड़ने तक सीमित होकर रह गया है।

जब पार्टी रैलियों और सभाओं से कार्यकर्ताओं के दूर रहने की बात पूछी गई तो भाजपा जिलाध्यक्ष फरीदाबाद, अजय गौड़ ने कहा कि कुछ नेताओं का स्वास्थ्य खराब है। इसलिए वे नहीं आ रहे हैं, बाकी सब ठीक है।
विज्ञापन

इनेलो में तो कोई बोलने को तैयार नहीं

पार्टी अध्यक्ष ओमप्रकाश चौटाला का खौफ इतना है कि इसमें खुलकर कोई नेता विरोध नहीं कर सकता। जबकि आरके आनंद पैराशूट प्रत्याशी हैं।पार्टी के लिए राहत की बात ये है‌ क‌ि इसका कोई भी नेता अब तक टूटा नहीं है।

पार्टी के दोनों प्रमुख नेता ओमप्रकाश चौटाला एवं अजय चौटाला जेल में हैं लेकिन चुनाव में उनका कुनबा लगातार बढ़ रहा है। लगातार दूसरी पार्टियों के नेता इसमें शामिल हो रहे हैं। इसका कोई भी नेता टूटकर दूसरे दल में नहीं गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें