एमसीडी सदन में अभूतपूर्व हंगामा, महापौर के कागजात फेंके, माइक तोड़े
पार्षद फंड से शुरू हुआ विवाद वायु प्रदूषण पर चर्चा के दौरान व्यक्तिगत टिप्पणी तक पहुंचा
सदन के बीच में खड़े होकर बोलने के समय कांग्रेस पार्षद दल की नेता की ओर से व्यक्तिगत टिप्पणी करने से नहीं रोकने पर आप पार्षद ने जताया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी सदन की बृहस्पतिवार को हुई बैठक में अभूतपूर्व हंगामा हुआ। पार्षद फंड की राशि जारी नहीं होने से शुरू हुआ विवाद वायु प्रदूषण पर चर्चा के दौरान व्यक्तिगत टिप्पणी तक पहुंच गया। कांग्रेस पार्षद दल की नेता नाजिया दानिश को सदन के बीच में महापौर के आसन के सामने खड़े होकर बोलने और आप पार्षद शुगुफ्ता जुबेर चौधरी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करने से नहीं रोकने पर विवाद बढ़ गया। नाराज शुगुफ्ता ने महापौर प्रवेश वाही के आसन पर रखे कागजात फेंक दिए। महापौर बैठक स्थगित किए बिना आसन छोड़कर सदन से बाहर चले गए। इस बीच आप पार्षदों ने महापौर के आसन को घेर लिया और माइक तोड़कर नीचे फेंक दिए। भाजपा और आप पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और टकराव की स्थिति बन गई।
नाजिया दानिश ने अपने संबोधन में कांग्रेस छोड़कर आप में शामिल हुईं पार्षद शुगुफ्ता जुबेर चौधरी पर व्यक्तिगत टिप्पणी कर दी। इस दौरान महापौर ने नाजिया को न तो अपनी सीट पर लौटने के लिए कहा और न ही व्यक्तिगत टिप्पणी के दौरान हस्तक्षेप किया। इससे नाराज शुगुफ्ता अपनी सीट से उठकर महापौर के पास पहुंचीं और विरोध जताया। उनकी बात नहीं सुने जाने पर उन्होंने महापौर के आसन पर रखे कागजात फेंक दिए। महापौर के लौटने तक आप पार्षदों ने उनके आसन को घेर रखा था और माइक क्षतिग्रस्त कर दिया। इस बीच महापौर ने खड़े होकर किसी तरह माइक से नेता सदन जय भगवान यादव को एजेंडा पारित कराने के निर्देश दिए। इसके बाद हंगामा और बढ़ गया। आप पार्षदों ने माइक और अन्य सामान तोड़कर नीचे फेंक दिया। भाजपा और आप पार्षदों के बीच टकराव की स्थिति बनी रही। एजेंडा पारित होने के बाद महापौर ने आयुक्त की सीट पर लगे माइक से बैठक की कार्यवाही की पुष्टि की और सदन स्थगित कर दिया।
उधर, बैठक की शुरुआत होते ही आप पार्षद प्रवीण कुमार ने पार्षद फंड का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने प्रत्येक पार्षद को दो करोड़ रुपये देने का ऐलान किया था, लेकिन अब तक केवल 50 लाख रुपये ही जारी किए गए हैं। चालू वित्त वर्ष के छह महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद पूरी राशि नहीं मिलने पर आप पार्षदों ने नाराजगी जताई। प्रवीण कुमार के समर्थन में पार्टी के अन्य पार्षद भी अपनी सीटों से खड़े हो गए और हंगामा करने लगे। महापौर ने तत्काल 25 लाख रुपये की एक और किस्त जारी करने की घोषणा की, लेकिन आप पार्षद संतुष्ट नहीं हुए। उनका विरोध जारी रहने पर महापौर ने बैठक पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी।
बैठक दोबारा शुरू होने पर नेता सदन जय भगवान यादव ने आप के आरोपों का जवाब देते हुए दिल्ली सरकार और निगम में भाजपा की ओर से किए गए कार्यों का उल्लेख किया। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने भाजपा सरकारों की नाकामियां गिनानी शुरू कीं।