डीजीएचएस द्वारा जो भी उपाय निकाले गए हैं, उनकी रिपोर्ट अगली सुनवाई 9 जुलाई को पेश की जाए। वहीं पीठ ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को ऐसे मामलों का परीक्षण करने का निर्देश दिया है।
याचिका एक गैर सरकारी संस्था द्वारा दायर की गई है। जिसमें निजी अस्पतालों में अनावश्यक सीजेरियन के मामलों में इजाफा होने के आरोप लगाए गए हैं। याचिका में सी-सेक्शन के दिशानिर्देशों की जानकारी मांगी गई है।
याचिका में बताया गया है कि निजी अस्पतालों में सीजेरियन के मामले 65.54 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं, जबकि सरकारी अस्पतालों में यह आंकड़ा 20.65 प्रतिशत है।