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उन्नावः सेंगर की याचिका पर HC ने सीबीआई और पीड़ित पक्ष से मांगा जवाब, जुर्माने के लिए 60 दिन का मौका

Fri, 17 Jan 2020 01:12 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कुलदीप सेंगर - फोटो : सोशल मीडिया
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दिल्ली हाईकोर्ट ने 2017 के उन्नाव दुष्कर्म मामले में भाजपा के निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सीबीआई और पीड़ित पक्ष से शुक्रवार को जवाब मांगा।

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जस्टिस मनमोहन और जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल ने सेंगर को जुर्माने की 25 लाख रुपये की राशि 60 दिन में देने की अनुमति दी, जिनमें से 10 लाख रुपये बिना किसी शर्त के पीड़िता के लिए जारी किए जाएंगे। पीठ ने मामले की सुनवाई चार मई तक के लिए टाल दी।

उम्रकैद की सजा के खिलाफ कुलदीप सेंगर ने 15 जनवरी को हाईकोर्ट में लगाई गुहार
उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषी कुलदीप सेंगर ने हाईकोर्ट में निचली अदालत के फैसले का चुनौती दी है। इस मामले में तीस हजारी कोर्ट ने पिछले साल 20 दिसंबर को सेंगर को उम्रकैद की सजा सुनाई थी और जुर्माना भी लगाया था।
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भाजपा से निष्कासित विधायक कुलदीप सेंगर निचली अदालत से उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद तिहाड़ जेल में बंद हैं। उन्होंने निचली अदालत के फैसले के करीब 26 दिन बाद बुधवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर की। 

तीस हजारी कोर्ट के जिला न्यायाधीश धर्मेश कुमार शर्मा ने इस मामले में सेंगर को भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत दुष्कर्म और बच्चों के यौन उत्पीडन निरोधक अधिनियम (पॉक्सो) से संबंधित प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया था। इस बीच कोर्ट ने सेंगर पर 25 लाख रुपए जुर्माना और 10 लाख रुपए पीड़िता के बैंक खाते में जमा कराने के आदेश दिए थे।

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हालांकि इस फैसले से पहले सेंगर की वकील ने उनकी आर्थिक हालत अच्छी ना होने और घर की पारिवारिक जिम्मेदारियों के मद्देनजर सजा में राहत देने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सेंगर को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। 

उल्लेखनीय है कि जुलाई 2019 में पीड़िता की कार पर ट्रक से जानलेवा टक्कर मारने की घटना में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई थी और वकील गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप कर मामले की सुनवाई को लखनऊ से दिल्ली ट्रांसफर किया था।

सेंगर को वर्ष 2017 में उन्नाव की पीड़िता को नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। इस मामले में एक महिला और एक अन्य पुरुष को भी आरोपी बनाया गया था। इस घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी।
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