गौतमबुद्धनगर प्रशासन ने रविवार को जारी दिशा-निर्देश में कहा है कि दिल्ली-नोएडा बॉर्डर लोगों की आवाजाही के लिए बंद रहेगा। प्रशासन ने यह कदम इसलिए उठाया है क्योंकि पिछले 20 दिनों में 42 प्रतिशत मामलों का संक्रमण स्रोत दिल्ली में पाया गया है।
जिला प्रशासन ने 21 अप्रैल को दिल्ली नोएडा बॉर्डर पर लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी। जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अंतरराज्यीय यात्रा प्रतिबंध में एम्बुलेंस, डॉक्टरों, माल वाहक, मीडिया, कोरोना सेवाओं में शामिल लोगों और प्रशासन द्वारा जारी पास वाले लोगों को छूट दी जाएगी।
बसों में जितनी सीट, उतने ही यात्री कर पाएंगे सफर
शासन ने रोडवेज की बसों को चलाने का निर्णय लिया है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा डिपो के अधिकारियों ने सोमवार सुबह 5 बजे से इन्हें चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। चालक-परिचालकों को स्वास्थ्य विभाग और एंबुलेंस के नंबर भी मुहैया कराए जाएंगे। ताकि कोई परेशानी आए तो तुरंत सूचित किया जा सके। बसों को समय-समय पर अधिकारियों द्वारा निरीक्षण भी किया जाएगा।
अफसरों का कहना है कि बस में उन्हीं यात्रियों को बैठाया जाएगा, जिन्होंने मास्क लगा रखा होगा। वहीं, बस में बैठने से पहले यात्रियों के हाथ सैनिटाइज कराए जाएंगे। एआरएम अनुराग यादव ने बताया कि बसों में जितनी सीट होगी उतने ही यात्री बैठाए जाएंगे। एक भी यात्री खडे़ होकर यात्रा नहीं कर सकेंगे। बसों में सवार होने के दौरान आरोग्य सेतु एप दिखाना होगा। कोरोना को लेकर जागरूक करने वाले स्टीकर लगवाए जाएंगे।
ग्रेनो डिपो के एआरएम लव कुमार ने बताया कि शुरुआत में 50 प्रतिशत बसों का संचालन केवल आगरा, बुलंदशहर, हाथरस और नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच किया जाएगा। ग्रामीण एरिया के कुछ जरूरी रूटों पर ही संचालन होगा। रूट पर जाने से पहले बसों को धोने के बाद सैनिटाइज किया जाएगा। प्रत्येक चालक और परिचालक के पास मास्क और सैनिटाइजर होगा। बस में भी 500 एमएल का सैनिटाइजर रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि रोडवेज के कर्मचारियों की एक टीम का गठन किया गया है। जो डिपो में आने वाले हर यात्री की थर्मल स्क्रीनिंग करेगी।