सेक्टर 23 निवासी नितिन गेरा ने बताया कि उनका कार खरीदने व बेचने का कारोबार है। नौ मई की सुबह 11 बजे उनके गली में दो युवक ताला ठीक करवाने के लिए आवाज लगा रहे थे। उनकी अलमारी का ताला खराब था तो उन्होंने दोनों युवकों को ताला ठीक करने के लिए घर पर बुला लिया। दोनों युवक अलमारी का ताला ठीक कर रहे थे। तभी चाबी बनाने वाले युवकों ने मां को कहा कि तेल लेकर आ जाओ। मां तेल लेने के लिए रसोई में चली गईं। उसके बाद सभी अपने काम में लग गए।
उनमें से एक चाबी बनाने लगा, वहीं दूसरा परिवार वालों पर नजर रखने के लिए साइड में जाकर बैठ गया। कुछ देर बाद दोनों ताला ठीक करके और 200 रुपये लेकर चले गए। जाते-जाते आरोपियों ने कहा कि चार घंटे तक ताले को खोलना नहीं है। अगले दिन सुबह उन्होंने अलमारी को खोला, तो देखा अंदर वाले लाॅकर का दरवाजा टूटा हुआ है। उन्होंने लॉकर को खोल कर देखा तो चोर अंदर रखी तीन सोने की चेन, 10 सोने की अंगूठी, एक मंगलसूत्र, दो जोड़ी झुमके आदि चोरी करके ले गए। आरोप है कि दोनों युवक सरदार बनकर आए थे।
सेक्टर-11 में भी हुई थी ऐसी घटना
सेक्टर-11 निवासी गौरिश छाबड़ा ने बताया कि नौ मई की सुबह उनकी मां अंजली घर पर अकेली मौजूद थीं। उनकी मां ने दो लड़कों को घर के अंदर अलमारी की चाबी बनाने के लिए कहा। कुछ देर बाद जब वह वापस आईं तो एक लड़के ने कहा कि आपकी चाबी नहीं बन रही है। वह दोपहर को एक बजे दोबारा चाबी बनाने के लिए आएंगे।
दोपहर को चाबी बनाने के लिए आरोपी नहीं आए तो उन्होंने एक नंबर एनआईटी से एक अन्य चाबी बनाने वाले वाले को बुलाया और चाबी बनवाई। चाबी बनने के बाद जब उन्होंने मंदिर के नीचे की दराज खोली तो उसमें रखे सोने के तीन कड़े, सोने की चार चेन, सोने की तीन अंगूठी, एक जोड़ी झुमकी व छह लाख रुपये गायब थे।