केन्द्रीय विद्यालयों में संस्कृत और जर्मन भाषा को लेकर मचे राजनीतिक बवाल के बीच एबीपी ने मानव संसाधन और विकास मंत्रालय को नयी सलाह दे डाली है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मुताबिक भारतीय विश्वविद्यालयों में चल रहे पाठयक्रमों का भारतीयकरण होना चाहिए।
हम आज भी अंग्रेजों के द्वारा दी गयी मैकाले शिक्षा पद्धति पर काम कर रहे हैं। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों में पढ़ाया जाने वाले इतिहास के विषय की खामियों को भी दूर किया जाना चाहिए।
14 नवम्बर से 16 नवम्बर के बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अमृतसर में हुए राष्ट्रीय सम्मेलन में विश्वविद्यालयों के पाठयक्रमों के भारतीयकरण का प्रस्ताव पारित किया गया था। इस प्रस्ताव को मानव संसाधन विकास मंत्रालय, और गृह मंत्रालय को भेज दिया गया है।
एबीवीपी के राष्ट्रीय सचिव श्रीहरि बोरिकर कहते हैं कि हमने अपने प्रस्तावों को विभिन्न मंत्रालयों तक भेजने की प्रक्रिया शुरु की है। अगर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इन मामलों पर हस्तक्षेप कर कदम उठाता है, तो आने वाले समय में वो अपने प्रस्ताव और सुझाव मंत्रालयों को भेजते रहेंगे।