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Sonam Wangchuk: गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में वांगचुक से मिले मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह, पूछा हाल

Wed, 22 Jul 2026 01:33 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से मुलाकात की। 
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अस्पताल में वांगचुक... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से मुलाकात की। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद, वांगचुक को शाम को सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी देकर आगे के इलाज के लिए गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया।

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सूत्र ने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने अस्पताल में सोनम वांगचुक से मुलाकात की है। कड़ी सुरक्षा के बीच शाम करीब 7:30 बजे वांगचुक को एम्बुलेंस से मेदांता अस्पताल लाया गया। मेदांता अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें इंटरनल मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉ. सुशीला कटारिया की देखरेख में ICU 8 में भर्ती किया गया है।
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शाम को किया शिफ्ट
सफदरजंग अस्पताल ने मंगलवार शाम 6:40 बजे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को डिस्चार्ज कर गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल की टीम को सौंप दिया। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह कदम उठाया गया। डिस्चार्ज के समय जरूरी मेडिकल पैरामीटर स्थिर थे। हालांकि, पैन्साइटोपेनिया की समस्या बनी हुई है। इसके अलावा उनका सीरम पोटेशियम लेवल 3.4 एमईक्यू/लीटर था। इलाज जारी रखने के लिए सभी जरूरी मेडिकल रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट और इलाज से जुड़े दस्तावेज की कॉपी भी मेडिकल टीम को दी गई। पैन्साइटोपेनिया में तीनों रक्त कोशिकाओं का स्तर सामान्य से कम हो जाता है। 

इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने की अनुमति दे दी। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने वकीलों और डॉक्टरों की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि मेदांता के डॉक्टर उनका इलाज करेंगे और सफदरजंग अस्पताल के सभी मेडिकल रिकॉर्ड तुरंत मेदांता को उपलब्ध कराए जाएंगे। मेदांता के डायरेक्टर की ओर से डॉक्टरों का एक पैनल भी गठित किया जाएगा।
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वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट्स पर गौर किया। रिपोर्ट्स में पोटैशियम लेवल कम होने, यूरिया-यूरिक एसिड बढ़ने और अन्य पैरामीटर्स में बदलाव सामने आए थे। डॉक्टरों ने कोर्ट को बताया कि भूख हड़ताल के कारण ये बदलाव सामान्य हैं, लेकिन लगातार निगरानी जरूरी है। सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि सरकार को शिफ्टिंग पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन मेडिकल सलाह के खिलाफ डिस्चार्ज न हो। जिस पर अदालत ने कहा कि वह पालन करेंगे।

कोर्ट ने कहा, हम उन्हें उनकी पसंद के अस्पताल मेदांता शिफ्ट कर रहे हैं। लगातार निगरानी की जरूरत है, इस पर डॉक्टरों में आम सहमति है। 

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