इस मामले में पार्टी के एक महासचिव ने स्वीकार किया कि कांग्रेस की ओर से हो रहे हमले से पार्टी नेता असहज थे। दरअसल यह मोदी सरकार के सबसे मजबूत मोर्चे पर सियासी हमला था। इस मामले में गोपनीयता की शर्तों से बंधे होने के कारण पार्टी और सरकार खुल कर अपना बचाव नहीं कर पा रही थी।
इस फैसले के बाद सियासी बाजी पलट गई है। अब भाजपा आक्रामक होगी, वहीं सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के कारण कांग्रेस को रक्षात्मक रुख अपनाना पड़ेगा। भाजपा देश भर में यह बताएगी कि मोदी सरकार में एक भी घोटाला नहीं हुआ। इसके साथ ही यूपीए 2 के भ्रष्टाचार के मामले को भी पार्टी जोर-शोर से उठाएगी।