वाणिज्य व उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम में तेजी लाने के लिए स्टार्टअप से जुड़ी तमाम कठिनाइयों को दूर करने का निर्देश दिया है।बृहस्पतिवार को स्टार्टअप इंडिया की दिक्कतों को जानने व उनके फीडबैक को जानने के लिए सीतारमण ने देश के प्रमुख 20 से अधिक स्टार्टअप्स के साथ बैठक की।
वाणिज्य व उद्योग मंत्री के नेतृत्व में होने वाली बैठक में पेटीएम, ओला, कारदेखो, सोशल कॉप्स, अर्बन क्लैप जैसी स्टार्टअप कंपनियों ने हिस्सा लिया। सीतारमण ने बताया कि स्टार्टअप्स को आने वाली दिक्कतें विभिन्न मंत्रालयों से जुड़ी है और उन्होंने अपने सचिवों को विभिन्न मंत्रालयों के साथ समन्वय करके उन दिक्कतों को दूर करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने बताया कि प्रमुख स्टार्टअप्स के साथ हुई बैठक में स्टार्टअप से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर उनके साथ चर्चा की गई, उनकी राय ली गई और उनकी कठिनाइयों को सुना गया। उन्होंने बताया कि मंत्रालय यह जानना चाहता है कि स्टार्टअप्स क्या चाहते हैं ताकि उनके मुताबिक उन्हें सुविधा दी जा सके।
मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय स्टार्टअप्स से जुड़े स्टेकहोल्डर्स के साथ विभिन्न चरणों में बैठक करेगा।
अगले चरण में वेंचर कैपिटल कंपनी, इंक्यूबेटर्स, सोशल मीडिया, बैंकर्स के साथ स्टार्टअप्स को लेकर बैठक की जाएगी।
इस साल जनवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टार्टअप्स इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत की थी और गत एक अप्रैल से स्टार्टअप्स इंडिया का फ्रेश पंजीयन आरंभ किया गया।
स्टार्टअप का दर्जा पाने के लिए अप्रैल से लेकर अब तक 728 आवेदन आए हैं, लेकिन इनमें से मात्र 16 स्टार्टअप्स को ही स्टार्टअप्स का दर्जा दिया गया। सूत्रों के मुताबिक वाणिज्य व उद्योग मंत्री स्टार्टअप्स पंजीयन की इस धीमी गति से नाखुश बताई जा रही है।