बीजेपी दिल्ली विधानसभा चुनाव में किसी चेहरे के साथ उतरेगी या बिना चेहरे के ही चुनाव लड़ा जाएगा, इस पर स्थिति अभी भी साफ नहीं है। लेकिन इसी बीच केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी के एक बयान से खलबली मच गई है। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी की अगुवाई में ही चुनाव लड़ेगी और वे तिवारी को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाकर रहेंगे।
रविवार को शास्त्री पार्क में आयोजित एक कार्यक्रम में हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि मनोज तिवारी पार्टी का बड़ा चेहरा हैं। वे जनता के बीच काफी लोकप्रिय भी हैं और पिछले पांच साल से वे जनता की सेवा में लगे हुए हैं। इसलिए पार्टी अगला विधानसभा चुनाव उनकी अगुवाई में ही लड़ेगी।
दूसरे गुट के नेताओं में खलबली
केंद्रीय मंत्री के इस बयान से पार्टी के ही दूसरे नेताओं के बीच खलबली मच गई। तिवारी विरोधी खेमे के एक नेता ने कहा कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व ही यह तय करेगा कि चुनाव किसी चेहरे के साथ लड़ा जाएगा, या पार्टी बिना किसी चेहरे के चुनाव में उतरेगी। उन्होंने कहा कि अभी तक ऐसा कुछ भी तय नहीं किया गया है।
क्यों महत्त्वपूर्ण है मुद्दा
दरअसल, इस समय भी दिल्ली प्रदेश बीजेपी में दो खेमे बने हुए हैं। एक खेमे में मनोज तिवारी और उनके समर्थक हैं तो दूसरे खेमे में राज्यसभा सांसद विजय गोयल, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष में प्रतिपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता और अन्य लोग शामिल हैं। खबरों के मुताबिक दूसरे गुट को पार्टी के संगठन मंत्री की सहमति भी प्राप्त है।
अगर किसी भी एक गुट के किसी चेहरे की अगुवाई में चुनाव लड़ा जाता है तो इससे दूसरे गुट के द्वारा भितरघात किये जाने का खतरा बरकरार रहेगा। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भी चेहरे के साथ चुनाव में उतरना पार्टी के लिए फायदे का सौदा साबित नहीं हुआ। इसलिए केंद्रीय मंत्री के बयान के कई अलग-अलग मतलब निकाले जा रहे हैं।