आरोप है कि यहां महिला चिकित्सक ने जांच के नाम पर करीब तीन घंटे तक बिठाए रखा। उसके बाद प्रसव में एक हप्ते का समय और होने की बात कहकर वापस भेज दिया। परिजनों ने रिपोर्ट के अनुसार प्रसव की तारीख से अधिक समय होने की बात कही तो महिला चिकित्सक भड़क गई और उन्हें अस्पताल से भेज दिया।
इस दौरान गर्भवती को ऑटो से परिजन वापस घर ले जाने लगे तो बीच रास्ते में ही गर्भवती को प्रसव पीड़ा हुई और उसने एक बच्ची को जन्म दिया। इस पर परिजन उसे वापस नागरिक अस्पताल में ले जाने के बजाय निजी अस्पताल ले गए, जहां दोनों को भर्ती कराया गया है। दोनों की हालत सामान्य है। चिकित्सक की लापरवाही को लेकर शनिवार को परिजन आशा वर्कर के साथ नागरिक अस्पताल पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन से इसकी मौखिक शिकायत की।
इस मामले को लेकर सीएमओ गुरुग्राम जसवंत सिंह पूनिया ने कहा कि यह मेरे संज्ञान में नहीं है। अस्पताल की पीएमओ से इसकी जानकारी ली जा रही है। मरीजों का बेहतर इलाज स्वास्थ विभाग की प्राथमिकता है। पीएमओ को व्यवस्थाएं सुधारने का निर्देश दे रहे हैं।