जुनैद हत्याकांड की जांच में जुटी जीआरपी और क्राइम ब्रांच की टीमों ने हिरासत में लिए गए लोगों की शिनाख्त के लिए बुधवार को पीड़ितों को बुलाया था लेकिन शिनाख्त के बाद वापस लौटते समय पीड़ितों का किसी अज्ञात वाहन से पीछा किया गया। इससे घबराए पीड़ितों ने पुलिस को सूचना दी। बल्लभगढ़ में पुलिस सहायता के लिए पहुंची और सुरक्षा के बीच पीड़ितों को खंदावली गांव पहुंचाया।
बताया जा रहा है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की शिनाख्त के लिए मृतक के भाई हाशिम, मोहसिन और मोईन को पुलिस ने बल्लभगढ़ के ही किसी थाने में बुलाया था। हालांकि, पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्हें कहां बुलाया गया इसकी जानकारी नहीं है लेकिन वहां से वापस लौटते समय उनका बिना नंबर की ऑल्टो कार पीछा कर रही थी।
पीड़ित क्रेटा कार में सवार थे, उन्हें जब संदेह हुआ था उन्होंने पुलिस को सूचना दी। बल्लभगढ़ में पुलिस की पीसीआर सहायता के लिए पहुंची। इसके बाद ऑल्टो गायब हो गई।
मृतक जुनैद के दोस्त अफजल ने बताया कि इस बार की जानकारी घर आकर हाशिम ने परिजनों को दी तो सभी घबरा गए। हाशिम ने बताया कि मोहसिन और मोईन के अलावा हमारे साथ मुस्तकीम भी था। हमें शिनाख्त के लिए बुलाया गया था।