श्री नानक फाउंडेशन की 'संवेदनशील शुरुआत' पहल के तहत प्रशिक्षित पेशेवर बुजुर्गों के घर जाकर आयकर रिटर्न दाखिल करने में मदद करते हैं। दिल्ली और एनसीआर में अब तक 5,000 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को यह सेवा मिल चुकी है।
बुजुर्गों की समस्या को देखते हुए उन्हें घर पर आयकर से जुड़ी सुविधा मिलेगी। इस सुविधा के लिए श्री नानक फाउंडेशन ने एक पहल की शुरुआत की है। इसे 'संवेदनशील शुरुआत' नाम दिया है। यह उन बुजुर्गों की मदद करेगा, जो हर साल आयकर रिटर्न भरने पर असहज महसूस करते हैं। इस सेवा के तहत अब प्रशिक्षित पेशेवर सीधे वरिष्ठ नागरिकों के घर जाकर आयकर दाखिल करने में मदद करते हैं।
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फाउंडेशन के संस्थापक लिरिल बंसल ने कहा कि महसूस किया कि टैक्स भरने में बुजुर्गों को जो मानसिक तनाव और असहायता झेलनी पड़ती है वह बहुत अमानवीय अनुभव है। यही कारण है क एक ऐसी पहल शुरू करने का फैसला लिया। इस पहल ने अब तक दिल्ली और एनसीआर में करीब पांच हजार अधिक बुजुर्गों तक घर बैठे सेवा पहुंची है।
इसके पीछे कर सलाहकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक संवेदनशील टीम काम कर रही है, जो केवल काम निपटाने के लिए नहीं, बल्कि हर बुजुर्ग से जुड़ने और उसे सम्मान देने के भाव से इस सेवा को अंजाम दे रही है।