जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में मुजफ्फरनगर दंगे पर बनी फिल्म पर नया विवाद शुरू हो गया है। विश्वविद्यालय द्वारा ‘मुजफ्फरनगर अभी बाकी है’ फिल्म की स्क्रीनिंग के नौ महीने बाद उमर, अनिर्बान समेत पांच को नोटिस भेजा गया है।
इसके विरोध में छात्रों ने भूख हड़ताल के बीच फिर से विवादित फिल्म की स्क्रीनिंग की तैयारी कर ली है। हालांकि जेएनयू सिक्योरिटी का कहना है कि वे स्क्रीनिंग नहीं होने देंगे।
कैंपस में गोदावरी ढाबा पर वर्ष 2015 में विश्वविद्यालय प्रबंधन की अनुमति के बगैर फिल्म की स्क्रीनिंग हुई थी। विवाद के बाद पुलिस फिल्म से संबंधित सारा सामान उठाकर ले गई थी।
इस नोटिस पर उमर खालिद ने कहा कि विवि प्रशासन जानबूझकर हमें प्रताड़ित व परेशान करने के लिए नोटिस भेज रहा है। फिल्म की स्क्रीनिंग नौ महीने पहले हुई और नोटिस अब आया है। इससे साफ होता है कि प्रबंधन हमें टारगेट कर रहा है। मैं पूछना चाहता हूं कि आखिर नौ महीने के बाद उन्हें नोटिस की याद कैसे आई।