दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया
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दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया का कहना है कि हो सकता है कोरोना का नया स्ट्रेन भारत में दिसंबर से पहले प्रवेश कर गया हो। इसलिए कि ब्रिटेन में इसका पता सितंबर में चल गया था और हो सकता है कि लोग इससे संक्रमित भी हुए हों।
कोरोना में विभिन्न स्थानों पर कुछ परिवर्तन देखने को मिले हैं। यूके स्ट्रेन चिंताजनक है और महामारी विज्ञान के आंकड़ों से पता चलता है कि यह अधिक संक्रामक है और बीमारी के रूप में तेजी से फैलता है। नए स्ट्रेन की रोकथाम के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। अभी यह भी देखना होगा कि क्या वास्तव में यह स्ट्रेन भारत आया है?
भारत में इसके दिसंबर से पहले मौजूद होने को लेकर गुलेरिया ने कहा कि यह बता पाना कठिन होगा क्योंकि यह तो आंकड़ों पर निर्भर करेगा। हमारे देश में इसे लेकर अध्ययन किए जा रहे हैं और नवंबर से ही सैंपल लिए जा रहे हैं।
लेकिन इतना तो कहा ही जा सकता है कि नया कोरोना स्ट्रेन ज्यादा खतरनाक और घातक है इसलिए अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। न्या स्ट्रेन संक्रामकता पर असर डालता है। इसका अर्थ यह हुआ कि अधिक लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं।
बहरहाल, अगर यूके स्ट्रेन के चलते कोरोन के मामलों में बढ़ोतरी होती है तो हम इससे निपटने के लिए कदम उठाने में सक्षम हैं। अभी हमारी स्थिति बेहतर है। दैनिक मामलों में कमी आई है। हमारी रिकवरी दर भी अच्छी है और मौत का आंकड़ा भी नीचे आया है।