जेवर में प्रस्तावित एयरपोर्ट बनाने के लिए बिड से पहले ही कंपनियां जानकारी के लिए आने लगी हैं। बृहस्पतिवार को यूके एयरपोर्टस मिशन टू इंडिया का प्रतिनिधिमंडल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) के अफसरों से मिला और जानकारी ली। नियाल के अफसरों ने एयरपोर्ट की अब तक की प्रगति रिपोर्ट को भी उनके साथ साझा की।
यूके एयरपोर्टस मिशन टू इंडिया के प्रतिनिधिमंडल में एयरपोर्ट से संबंधित 18 कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल थे। नियाल के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने एयरपोर्ट के बारे में सभी तकनीकी और सामान्य पहलुओं की जानकारी दी। एमआरओ सेंटर, पैसेंजर की सर्वे रिपोर्ट व कार्गो के बारे में जानकारी ली। सीईओ ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट 1334 हेक्टेयर में बनेगा। इसमें 1239 हेक्टेयर कृषकों से भूमि अधिग्रहण से ली जाएगी। शेष 95 हेक्टेयर भूमि सरकारी है।
एयरपोर्ट विकास के चयन के लिए बिड डॉक्यूमेंट और एग्रीमेंट बनाया जा चुका है। इसका परीक्षण कराया जा रहा है। सीईओ ने एयरपोर्ट से होने वाले विकास और उड्डयन क्षेत्र के उद्योगों की स्थापना के संबंध में भी बताया। इस अवसर पर ब्रिटिश दूतावास के अधिकारी मुकुल वर्मा, जितेंद्र जैन, जेवर एयरपोर्ट के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया आदि उपस्थित रहे।