कोटला मुबारकपुर से 24 सितंबर को अगवा करने के बाद उजबेकिस्तानी बैले डांसर शखनोजा शुकुरोवा (27) की हरियाणा के पानीपत में हत्या कर दी गई।
दक्षिण जिला पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी गगनदीप (30) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों की मानें तो रुपयों की लेन-देन में नाज नामक उजबेकी महिला ने गगनदीप के साथ मिलकर ताशकंद निवासी शखनोजा को अगवा करने के बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। बाद में एक बैग में शव बंद कर पेट्रोल डालकर जला दिया था।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक शखनोजा शुकुरोवा का परिवार उजबेकिस्तान और अमेरिका के फ्लोरिडा में रहता है। शखनोजा बैलेे डांसर थी। कुछ समय पूर्व वह टूरिस्ट वीजा पर भारत आई थी।
दिल्ली में अलग-अलग स्थानों में रहती रही डांसर
भारत आने के बाद वह अपने जानकारों के साथ दिल्ली में अलग-अलग स्थानों में रहती रही। फिलहाल वह पहाड़गंज स्थित एक होटल में रुकी हुई थी।
24 सितंबर को मां से वीडियो कॉलिंग करने के बाद शखनोवा दोस्त से रुपये लेने की बात कहकर कार से डिफेंस कॉलोनी के लिए निकल गई। जब वह डिफेंस कॉलोनी पहुंची तो इंडिका कार सवार कुछ लोगों ने उसे अगवा कर लिया।
चालक प्रितम सिंह की शिकायत पर कोटला मुबारकपुर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर लिया था। इधर, अमेरिका से नोरिडा अपनी बहन की तलाश में भारत आई। उसने कुछ लोगों पर बहन को अगवा करने का आरोप लगाया।
शव को एक बैग में बंदकर फेंक दिया
पुलिस ने कॉल डिटेल व टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर ईस्ट ऑफ कैलाश में रहने वाले शखनोजा के दोस्त गगनदीप को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह टूट गया। उसने पुलिस के सामने नाज नाम की महिला के साथ मिलकर शखनोजा की हत्या करने की बात कबूल कर ली।
आरोपी ने बताया कि नाज ने शखनोजा से आठ लाख रुपये उधार लिए थे। शखनोजा अपने पैसे वापस मांग रही थी। रुपये न लौटाने को लेकर उसने शखनोजा की हत्या की साजिश रखी।
घटना वाले दिन वे शखनोजा को इंडिका कार से अगवा कर पानीपत के समालखा ले गए और वहां गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। बाद में शव को एक बैग में बंदकर फेंक दिया।
शव को पेट्रोल डालकर जला दिया और दिल्ली लौट आए
पहचान छुपाने के लिए आरोपियों ने शव को पेट्रोल डालकर जला दिया और दिल्ली लौट आए। अगले दिन हरियाणा पुलिस को शखनोजा का जला हुआ शव बरामद किया, लेकिन 72 घंटे बाद शिनाख्त न होने पर पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
हत्याकांड का खुलासा होने के बाद शखनोजा के परिजनों ने दिल्ली व हरियाणा पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दोनों ओर से बरती गई लापरवाही की वजह से परिवार को शखनोजा का शव नहीं मिल सका। उन्होंने दिल्ली पुलिस आयुक्त व हरियाणा के मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है।
बता दें कि समालखा पुलिस ने 25 सितंबर की सुबह पूर्व विधायक करतार सिंह भड़ाना के फार्म हाउस के पास जली हुई हालत में शखनोजा का शव बरामद किया था, लेकिन 72 घंटे में पहचान न होने पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कर शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। समालखा थाने में युवती की हत्या का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने शव की डिटेल जिपनेट पर डाल दी थी। परिवार का आरोप है कि न तो दिल्ली और न ही हरियाणा पुलिस ने जिपनेट से शव की पहचान करने का प्रयास किया।