विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) उच्च शिक्षण संस्थानों में महिला कर्मियों, शिक्षकों और छात्राओं को सुरक्षित माहौल देना चाहता है। इसलिए आयोग ने विश्वविद्यालयों से शैक्षणिक सत्र 2018-19 के तहत यौन उत्पीड़न के कुल मामलों पर कार्रवाई की जानकारी मांगी है। 31 जुलाई तक यूजीसी को रिपोर्ट भेजनी होगी।
यूजीसी की ओर से केंद्रीय, डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी, स्टेट व प्राइवेट यूनिवर्सिटी समेत उच्च शिक्षण संस्थानों के कुलपति और डायरेक्टर को पत्र लिखा गया है। आयोग ने पूछा है कि विश्वविद्यालयों व उच्च शिक्षण संस्थानों को शिकायत समिति गठित करने का निर्देश दिया था।
हालांकि, कुछ विवि में नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है। आयोग ने विश्वविद्यालयों से शिकायत समिति गठित की गई या नहीं, समिति के पास यौन उत्पीड़न से जुड़ी कुल कितनी शिकायत आईं और उन पर क्या कार्रवाई हुई? पर विस्तार से जानकारी मांगी है।
आयोग के मुताबिक, शिकायत समिति में संस्थान की महिला शिक्षक, कर्मी और छात्राएं यौन उत्पीड़न संबंधी शिकायत दे सकती थीं। सभी शिकायतों का समिति को रिकार्ड रखना अनिवार्य था। विवि और उच्च शिक्षण संस्थानों से 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2019 तक की शिकायतों की रिपोर्ट बनाकर भेजनी होगी।