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यूजीसी रैगुलेशन 2018: कॉलेज प्रिंसिपल पद से हटने पर भी जारी रहेगा प्रोफेसर ग्रेड

Tue, 13 Feb 2018 02:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नर्ई दिल्ली
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अब कॉलेज के प्रिंसिपल को पांच साल के प्रिंसिपल पद के कार्यकाल के बाद भी प्रोफेसर ग्रेड जारी रहेगा। अभी तक एसोसिएट प्रोफेसर से कॉलेज प्रिंसिपल बनने वाले शिक्षकों को प्रिंसिपल कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रोफेसर ग्रेड वापस ले लिया जाता था।

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वहीं, एडहॉक शिक्षक यदि उसी संस्थान में रैगुलर हो जाता है तो उसका पूर्व में एक साल से अधिक समय का कार्यकाल प्रमोशन का आधार बनेगा। वहीं, एक जुलाई 2020 के बाद वे शिक्षक ही अस्सिटेंट प्रोफेसर बन सकेंगे, जिनके पास पीएचडी डिग्री होगी। यह प्रस्ताव यूजीसी रैगुलेशन 2018 के ड्रॉफ्ट में रखे गए हैं। 

यूजीसी अधिकारियों के मुताबिक, यूजीसी रैगुलेशन 2010 और संशोधित यूजीसी रैगुलेशन 2016 के स्थान पर यूजीसी रैगलुशन 2018 के ड्रॉफ्ट में प्रस्तावित पंद्रह साल में प्रमोशन, नियुक्ति के नियम से करीब ढाई लाख शिक्षकों को सीधे लाभ मिलेगा, जिनके पास पीएचडी डिग्री होगी।
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कॉलेजों प्रिंसिपल को पहली बार प्रोफेसर ग्रेड तो विश्वविद्यालयों के लिए सीनियर प्रोफेसर का ग्रेड जोड़ा जा रहा है। वहीं, कॉलेज वर्ग में तहत एसोसिएट प्रोफेसर से प्रोफेसर बनने के लिए तीन सालों के दौरान यूजीसी के जनरल में तीन रिसर्च पेपर प्रकाशित व कुल 110 रिसर्च स्कोर होने चाहिए। वहीं, विश्वविद्यालय वर्ग के तहत यूजीसी के जनरल में तीन रिसर्च पेपर प्रकाशित करने के साथ 120 रिसर्च स्कोर का क्राइटीरिया होगा। 

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