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Udaipur Tailor Death: हनुमान चालीसा का पाठ कर किया हत्या का विरोध, जंतर-मंतर पर उठी हत्यारों को फांसी देने की मांग

Wed, 29 Jun 2022 07:38 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने अमर उजाला से कहा कि तीस्ता सीतलवाड़ जैसे विवादित व्यक्ति के गिरफ्तार होने पर संयुक्त राष्ट्र के मंच से विरोध दर्ज किया जाता है, जबकि एक हिंदू को सरेआम कत्लेआम कर दिए जाने पर संयुक्त राष्ट्र की तरफ से कोई विरोध नहीं किया जाता है। यह दोहरा रवैया है और इसके बारे में आवाज उठाई जानी चाहिए...
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जंतर-मंतर पर हनुमान चालीसा का पाठ कर कन्हैयालाल की हत्या का विरोध करते विहिप-बजरंग दल कार्यकर्ता और अन्य लोग - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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उदयपुर के कन्हैयालाल मर्डर पर पूरे देश में कड़ी प्रतिक्रिया हुई है। उदयपुर के साथ-साथ दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक से लेकर केरल तक इस हत्याकांड के विरोध में जबरदस्त प्रदर्शन हुआ है। लोग इस घटना की आलोचना कर हत्यारों को जल्द से जल्द फांसी देने की मांग कर रहे हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर धारा 144 लागू होने के बाद भी विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ता पहुंचे और हनुमान चालीसा का पाठ कर उदयपुर हिंसा पर विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं ने हत्यारों को फांसी देकर कन्हैयालाल को न्याय देने की मांग की। गुरुवार को भी दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे।

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जंतर-मंतर पर कन्हैयालाल की हत्या का विरोध करने पहुंचे अनुज अग्रवाल ने अमर उजाला से कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि केवल एक फेसबुक पोस्ट के कारण लोगों की हत्या की जा रही है। लोग खुलेआम हत्या की धमकी दे रहे हैं, कानून को हाथ में लेने की बात कह रहे हैं, लेकिन प्रशासन इस पर कोई एक्शन नहीं ले रहा है। इससे आपराधिक लोगों का मन बढ़ता जा रहा है और इसी का परिणाम है कि कन्हैयालाल की हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन आपत्तिजनक बयानबाजी करने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई करता तो इस तरह की घटना न घटती।

कन्हैलाल की हत्या से आक्रोशित पूजा चौरसिया ने कहा कि हम हनुमान चालीसा का पाठ कर हत्या का विरोध दर्ज करा रहे हैं, लेकिन राजस्थान के साथ-साथ केंद्र सरकार को भी यह सोचना पड़ेगा कि इस तरह की घटनाओं पर लगाम कैसे लगे। उन्होंने कहा कि यह देश को तालिबानी सोच में ले जाने की कोशिश है और इसके खिलाफ सबको विरोध करना चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र इस पर मौन क्यों

विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने अमर उजाला से कहा कि तीस्ता सीतलवाड़ जैसे विवादित व्यक्ति के गिरफ्तार होने पर संयुक्त राष्ट्र के मंच से विरोध दर्ज किया जाता है, जबकि एक हिंदू को सरेआम कत्लेआम कर दिए जाने पर संयुक्त राष्ट्र की तरफ से कोई विरोध नहीं किया जाता है। यह दोहरा रवैया है और इसके बारे में आवाज उठाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उदयपुर की शर्मनाक घटना के विरोध में बुधवार को पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुए हैं।

देश में तालिबानी शासन लाने की कोशिश

विहिप के दिल्ली प्रांत के अध्यक्ष कपिल खन्ना ने कहा कि उदयपुर की घटना किसी एक व्यक्ति की हत्या का मामला नहीं है। यह पूरे देश को अफगानिस्तान बनाने की सोच का पर्दाफाश करती है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश में तालिबानी शासन लाना चाहते हैं जहां कोई किसी बात पर अपना विचार भी व्यक्त नहीं कर सकता। भारत विचार-विमर्श की धरती रही है और यहां इस प्रकार की सोच बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

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