उबर कैब रेप केस में दोषी शिवकुमार यादव की सजा पर पीड़िता के पिता ने संतोष जताया है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि, 'उनकी बेटी इस हादसे को भूल कर आगे बढ़ चुकी है। उसने शादी कर ली है और नई जॉब के साथ विदेश में रह रही है।'
बता दें कि मंगलवार को दिल्ली की फास्टट्रैक अदालत ने इस मामले में दोषी उबर कैब ड्राइवर शिवकुमार यादव को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उसे उम्रकैद की ये सजा मरते दम तक के लिए सुनाई गई है।
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार पीड़िता ने एक महीने पहले ही अपने मंगेतर के साथ शादी की है। पीड़िता से शादी करने वाला वही लड़का है जिससे उसकी सगाई रेप की घटना से पहले ही हुई थी।
रेप से पहले जिससे की थी सगाई उसी से की शादी
पीड़िता के पिता के अनुसार उसकी शादी बहुत ही सादे ढंग से हुई। वर वधू के माता-पिता के अलावा शादी में केवल कुछ करीबी दोस्त ही शामिल थे। शादी का यह आयोजन काफी छोटा था।
पीड़िता के पिता कहते हैं कि वह खुश हैं कि उनकी बेटी इस हादसे के सदमे से उबर चुकी है और अपनी नई जिंदगी में पूरी तरह खुश है और आगे बढ़ रही है।
पिता के अनुसार उनके बेटी और दामाद कुछ समय पहले ही नए घर में शिफ्ट हुए हैं और वो जल्द ही उनसे मिलने जाएंगे। वो कहते हैं कि उनके घर में इस घटना के बारे में कभी कोई बातचीत नहीं होती।
सभी घरवाले इस हादसे को पूरी तरह भुला देना चाहते हैं। वो नहीं चाहते कि उनकी बेटी या दामाद को वो कभी भी याद आए कि ऐसी कोई घटना भी उनकी जिंदगी में घटी थी।
खुश हैं पीडिता के पिता
दोषी ड्राइवर शिवकुमार यादव को मिली सजा पर पीड़िता के पिता कहते हैं कि इस फैसले वो खुश हैं। यह फैसला उस जैसे दूसरों के लिए सबक होगा। उन्होंने बताया कि उन्हें न्यूयॉर्क से भी कुछ कॉल आई थी जिसमें उनसे फैसले पर राय पूछी जा रही थी।
उनका कहना है कि ये बात दिखाती है कि इस फैसले का असर वहां भी हुआ है। बता दें कि अदालत ने 99 पेज के अपने फैसले में कहा कि ड्राइवर ने विक्टिम के शरीर में लोहे की छड़ घुसाने की धमकी दी थी। दोषी ड्राइवर ने पीड़िता को 16 दिसंबर 2012 की घटना भी याद दिलाई थी।
पीड़िता ने कहा था-
रेप की घटना के कुछ दिनों के बाद पीड़िता ने मीडिया को बताया था कि वह सो नहीं पाती थी, सोती थी तो उसे अजीब सपने आते थे।
उसने बताया कि वह भारत छोड़ना चाहती थी। यहां वह खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करती थी।