हाईकोर्ट के एक ऑर्डर में टाइपिंग की गलती से राजधानी में दोहरे हत्याकांड के दोषी को गलती से छोड़ दिया गया। अब मामला प्रकाश में आने के बाद अदालत ने दोषी को पुन: गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया है।
इतना ही नहीं अदालत ने इस मामले में पुलिस को शिकायतकर्ता व चश्मदीद गवाहों को भी सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया है। फिलहाल दोषी फरार है।
10 मार्च 1999 में जितेंद्र उर्फ काला ने उत्तरी दिल्ली में एक विवाह समारोह में अनिल भड़ाना की गोली मारकर हत्या कर दी थी। अनिल उस समय दिल्ली विश्वविद्यालय के सत्यवती कॉलेज स्टूडेंट यूनियन का अध्यक्ष था।
इसके अगले दिन जितेंद्र इस हत्या के चश्मदीद गवाह सुमित नायर के घर पहुंचा लेकिन सुमित के न मिलने पर उसने उसके पिता केएल नायर की तीन गोली मारकर हत्या कर दी थी।