सावधान, ये दवाइयों का विकल्प नहीं
शोध में मुख्य रूप से ओट्स, एवोकाडो और पेपरमिंट ऑयल जैसे प्राकृतिक उत्पादों को शामिल किया गया है, जो ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में सहायक पाए गए हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इन्हें किसी भी स्थिति में डॉक्टर द्वारा सुझाई गई दवाइयों का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
ओट्स से कोलेस्ट्रॉल में 10% तक की कमी
अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि ओटमील का सेवन शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में अत्यधिक प्रभावी है। शोध में शामिल जिन लोगों ने एक सीमित अवधि तक ओट्स आधारित डाइट का पालन किया, उनके कोलेस्ट्रॉल स्तर में लगभग 10 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। बहरहाल, वैज्ञानिकों ने यह भी साफ किया कि यह एक अल्पकालिक प्रभाव है और यह स्थायी रूप से एक संतुलित और दीर्घकालिक आहार की जगह नहीं ले सकता।
एवोकाडो: ब्लड शुगर के अचानक बढ़ने पर लगाम
इसी प्रकार, सुपरफूड माने जाने वाले एवोकाडो पर किए गए शोध के परिणाम भी काफी उत्साहजनक रहे। वैज्ञानिकों के अनुसार, एवोकाडो के नियमित सेवन से शरीर का ग्लाइसेमिक लोड काफी कम हो जाता है। इसका सीधा फायदा यह होता है कि भोजन करने के बाद ब्लड शुगर के स्तर में जो अचानक और तीव्र उछाल आता है, उसकी संभावना बेहद कम हो जाती है। एवोकाडो में प्रचुर मात्रा में मिलने वाले 'हेल्दी फैट्स' (स्वस्थ वसा) और फाइबर इसे मेटाबोलिक हेल्थ के लिए एक बेहतरीन ढाल बनाते हैं।
पेपरमिंट ऑयल और ब्लड प्रेशर नियंत्रण
इस वैज्ञानिक अध्ययन में पेपरमिंट ऑयल (पुदीने का तेल) को लेकर भी शुरुआती लेकिन महत्वपूर्ण संकेत मिले हैं। रिसर्च के मुताबिक, यह तेल रक्त वाहिकाओं को रिलैक्स यानी आराम पहुंचाने में मददगार हो सकता है, जिससे ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायता मिलती है। हालांकि, शोधकर्ताओं का मानना है कि इस दावे को पूरी तरह स्थापित करने के लिए अभी और अधिक व्यापक वैज्ञानिक प्रमाणों और परीक्षणों की आवश्यकता है।
विशेषज्ञों की राय: जीवनशैली में संतुलन है सबसे जरूरी
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, टाइप 2 डायबिटीज एक दीर्घकालिक और जटिल बीमारी है। इसे केवल किसी एक या दो खाद्य पदार्थों के भरोसे ठीक या नियंत्रित नहीं किया जा सकता। इसके सफल प्रबंधन के लिए तीन मुख्य स्तंभों के बीच संतुलन होना अनिवार्य है: